काले धंधे के बादशाह ने अदालत में कहा-मेरा गुर्गा बेगुनाह: गुटखा माफिया किशोर वाधवानी की नई चाल; कोर्ट में फिर खेल
KHULASA FIRST
संवाददाता

किशोर वाधवानी ने अपने एक ओर शागिर्द अनमोल मिश्रा के माध्यम से अदालत में रखा था अपना पक्ष
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुटखा कारोबार, फर्जी अखबारी सर्कुलेशन और करोड़ों की कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसा गुटखा माफिया टैक्स चोर किशोर वाधवानी एक बार फिर अदालत में नई चाल चलते हुए दिखाई दिया। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान वह अपने भतीजे नितेश वाधवानी और अनमोल मिश्रा के साथ अदालत पहुंचा और एक नया आवेदन पेश कर सुनवाई को उलझाने की कोशिश करता नजर आया।
यह मामला अब उस दौर में पहुंच चुका है जहां विशेष अदालत में आरोप तय होने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन आरोपों का सामना करने के बजाय वाधवानी पक्ष लगातार नए आवेदन देकर सुनवाई को लंबा खींचने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।
सुनवाई में किशोर वाधवानी ने अदालत के सामने एक नया पत्र पेश किया। इस पत्र में उसने अपने ही मामले में आरोपी बनाए गए गुर्गे पंकज मजेपुरिया को बेगुनाह बताते हुए उस पर लगे आरोपों को गलत बताया।
सभी आरोपों को खत्म कर दिया जाए... वाधवानी ने अदालत से मांग की कि पंकज मजेपुरिया के खिलाफ दर्ज सभी आरोपों को खत्म कर दिया जाए। अदालत में यह आवेदन पेश कर उसने एक तरह से पूरे मामले की दिशा मोड़ने की कोशिश की,
जिसे अदालत ने रिकॉर्ड पर लेते हुए आगे की सुनवाई के लिए रख लिया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि आरोप तय होने की प्रक्रिया के बीच ऐसे आवेदन लाकर सुनवाई को भटकाने और समय खींचने की रणनीति अक्सर आरोपी अपनाते हैं।
अखबार की आड़ में काला खेल...जांच एजेंसियों के मुताबिक वाधवानी समूह ने अपने अखबार दबंग दुनिया को कथित तौर पर काले धन को सफेद करने का जरिया बना लिया था। आरोप है कि अखबार की वास्तविक बिक्री बेहद कम थी, लेकिन कागजों में इसे कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया।
जहां असल में प्रतिदिन केवल 5 से 8 हजार प्रतियां बिकने की बात सामने आई, वहीं दस्तावेजों में इसे 60 हजार से लेकर एक लाख प्रतियां तक दर्शाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई विज्ञापन ऐसे दिखाए गए जो वास्तव में कभी प्रकाशित ही नहीं हुए। इन फर्जी विज्ञापनों के नाम पर बिल तैयार कर करोड़ों रुपए की आय दिखाने का खेल चलता रहा।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला... इस पूरे प्रकरण में विशेष अदालत में सुनवाई जारी है, वहीं किशोर वाधवानी ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। फिलहाल हाईकोर्ट ने जांच प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी है। अब मामले में आगे अदालत की प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।
गुरुवार को हुई सुनवाई में किशोर द्वारा दिए गए आवेदन पर अदालत में सुनवाई करते हुए अपनी बात रखने के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है, जिसमें किशोर अपनी बात रखेगा या फिर अपने काले कारनामों को बचाने के लिए एक नया पैंतरा अपनाएगा।
11.66 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच दबंग दुनिया के जरिए करीब 11.66 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इस दौरान अखबार की करीब 2.80 करोड़ प्रतियां बिकने का दावा किया गया और प्रति कॉपी दो रुपए के हिसाब से बड़ी रकम की आय कागजों में दिखाई गई।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा तंत्र काले धन को वैध दिखाने के लिए खड़ा किया गया था। पूरा मामला तब सामने आया जब सेंट्रल जीएसटी और एक्साइज कमिश्नरेट ने किशोर वाधवानी और उसके परिजन के खिलाफ करीब 2002 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड का नोटिस जारी किया। इसे प्रदेश की सबसे बड़ी टैक्स कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
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