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सिम निकालकर फेंक डाली थी कातिलों ने: मोबाइल बना मर्डर मिस्ट्री का गवाह

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 अप्रैल 2026, 1:44 pm
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सिम निकालकर फेंक डाली थी कातिलों ने

पत्नी के शक के कारण तेज की गई जांच, सागर कनेक्शन से खुली पहचान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
राजेंद्र नगर इलाके में मजदूर की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक की पहचान कर ली है वही मामले में चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। हमलावरों ने पहचान मिटाने के लिए मोबाइल की सिम निकाल ली थी, लेकिन वही मोबाइल अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया। डेटा और कॉल हिस्ट्री ने सागर से इंदौर तक पूरी कहानी जोड़ दी, जबकि पत्नी के शक ने जांच को नई दिशा दे दी है।

जानकारी के मुताबिक परसो रात राजेंद्र का थाना क्षेत्र के कुंदन नगर वाइन शॉप के पास खाली मैदान में एक युवक की खून से सनी लाश मिली थी। मृतक की पहचान नहीं हुई थी, लेकिन पुलिस को मृतक के पास से एक मोबाइल मिला था जिसमें सिम नहीं थी। वहीं आसपास पूछताछ में खुलासा हुआ था कि मृतक का उसके साथ ही शराब पीने आए दो तीन लोगों से विवाद हुआ था।

मामले में पुलिस ने जांच शुरू की जिसमें सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों को लगा कि सिम निकालने से मृतक की पहचान छिप जाएगी, लेकिन पुलिस ने मोबाइल हैंडसेट की जानकारी खंगाली। जांच में सामने आया कि मोबाइल सागर से खरीदा गया था।

इसके बाद पुलिस टीम सागर पहुंची और कॉल डिटेल व डेटा के आधार पर मृतक की पत्नी तक पहुंच गई। यहीं से मृतक की पहचान गोलू अहिरवार (32) के रूप में हुई। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदनी के मुताबिक गोलू अहिरवार करीब 14 महीने पहले सागर से इंदौर आया था। वह अपनी पत्नी के साथ छोटा बांगड़दा इलाके में रहकर मजदूरी कर रहा था। प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार घटना शनिवार रात करीब 7:45 बजे की है।

आरोपी पास की शराब दुकान से शराब लेकर आए थे और पास के खाली मैदान में बैठकर पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान गोलू का उनसे विवाद हो गया।

देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दो से अधिक हमलावरों ने मिलकर गोलू पर हमला कर दिया और ईंट-पत्थरों से उसका सिर कुचल दिया। मृतक की पत्नी ने पुलिस को कुछ परिचितों पर शक जताया है।

पुलिस इन्हीं नामों के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। वही घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों में कुछ संदिग्ध चेहरे कैद हुए हैं। पुलिस ने फुटेज के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा और पत्नी के बयान के आधार पर केस लगभग सुलझ चुका है। आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है।

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