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युद्ध का असर: कई फैक्ट्रियों पर लगा ताला; महंगे होंगे ये सामान

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 अप्रैल 2026, 1:21 pm
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युद्ध का असर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
युद्ध के साइड इफेक्ट अब भारत सहित दुनियाभर में दिखाई देने लगे हैं। इसका सबसे बड़ा असर उद्योगों पर पड़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में आम लोगों की जेब पर भी बोझ बढ़ने की आशंका है।

इनके दाम तेजी से बढ़ रहे
उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, गैस की किल्लत और पेट्रोकेमिकल की कमी के कारण कांच, टाइल्स और अन्य निर्माण सामग्री के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। मकान निर्माण में कांच का अहम उपयोग होता है और गैस संकट के चलते इसका उत्पादन महंगा हो गया है, जिससे सीधे तौर पर घर बनाने की लागत बढ़ेगी।

कई फैक्टरियां हुई बंद
टाइल्स इंडस्ट्री पर भी इसका बड़ा असर पड़ा है। मोरबी की कई फैक्टरियां बंद हो गई हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में टाइल्स की सप्लाई मुख्य रूप से मोरबी से होती है, ऐसे में उत्पादन घटने से कीमतों में उछाल तय माना जा रहा है।

केबल उद्योग भी प्रभावित
इसके चलते लोग अब मार्बल और ग्रेनाइट जैसे महंगे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। कॉपर और पीवीसी जैसे कच्चे माल के दाम बढ़ने से केबल उद्योग भी प्रभावित हुआ है।

प्लास्टिक और फर्नीचर उत्पाद महंगे
पहले 500 रुपए में मिलने वाला केबल बंडल अब 2500 से 3000 रुपए तक पहुंच गया है। इसी तरह प्लास्टिक दाने की कीमत 80 रुपए प्रति किलो से बढ़कर करीब 170 रुपए प्रति किलो हो गई है, जिससे प्लास्टिक और फर्नीचर उत्पाद महंगे हो रहे हैं।

रोजमर्रा के सामानों में भी बढ़ोतरी की संभावना
केमिकल इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है। गैस आधारित अमोनिया और अन्य केमिकल महंगे होने से डिटर्जेंट, साबुन और बर्तन धोने के पाउडर जैसे रोजमर्रा के उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना है।

महंगाई का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो महंगाई का यह असर और गहराएगा, जिससे निर्माण से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक सब कुछ महंगा हो सकता है।

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