खुलासा फर्स्ट की खबर का असर: ट्रैफिक सिस्टम में बड़े उलटफेर के साथ लग गया; हेलमेट की हंटरबाजी पर लगा ब्रेक
KHULASA FIRST
संवाददाता

अब रेड लाइट जंप, मोबाइल और रॉन्ग साइड पर सख्ती, टारगेट चालान खत्म, चौराहों पर नोडल सिस्टम लागू
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में शहर की सड़कों पर लंबे समय से चल रही चालानी हंटरबाजी पर आखिरकार ब्रेक लग गया है। ट्रैफिक पुलिस ने नई रणनीति लागू करते हुए साफ कर दिया है कि हेलमेट पर चालानी कार्रवाई के बजाय अब फोकस सिर्फ असली उल्लंघनों पर रहेगा।
रेड लाइट जंप, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात, रॉन्ग साइड और वन-वे तोड़नेे वालों पर सीधा एक्शन होगा। खास बात यह कि हेलमेट चालान को लेकर सख्ती में मिली राहत से आम जनता और खुद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली है।
उल्लेखनीय है कि कल के अंक में खुलासा फर्स्ट ने ‘धूप में झुलसती वर्दी, कराहता आमजन’ शीर्षक से प्रथम पृष्ठ पर खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर के माध्यम से आला पुलिस अफसरों और जनप्रतिनिधियों का पुलिस की हेलमेट को लेकर चल रही चालानी कार्रवाई को बंद करने की ओर ध्यानाकर्षित किया था।
नतीजा ये हुआ खबर प्रकाशित होने के बाद भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में अपने मातहतों के स्वास्थ्य और आमजन की पीड़ा को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने दोपहर करीब डेढ़ बजे डीसीपी ट्रैफिक, ट्रैफिक एडीसीपी, ट्रैफिक एसीपी और ट्रैफिक टीआई के साथ बैठक की। इस दौरान चारों जोन के एडीसीपी, एसीपी और टीआई भी मौजूद थे।
इसमें पुलिस कमिश्नर ने चालान टारगेट सिस्टम पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है। इससे अब पुलिसकर्मियों पर नंबर बढ़ाने का दबाव नहीं होगा। सड़क पर कार्रवाई के लिए खड़े होने वाले अधिकारियों को साफ निर्देश हैं कि किसी भी स्थिति में गलत धारा में चालान नहीं बनाया जाए, खासकर रॉन्ग साइड और मोबाइल उपयोग के मामलों में पारदर्शिता रखी जाए। डीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार त्रिपाठी को निदेश दिए कि हेलमेट चेकिंग के नाम पर चालान नहीं बनाए जाए।
नई व्यवस्था के तहत अब हर चौराहे पर तैनात पुलिस बल अपने-अपने नोडल पॉइंट से ट्रैफिक संभालेगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और वाहनों का फ्लो बना रहे। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब चालान उसी धारा में किया जाएगा, जिसमें चालक वास्तव में दोषी पाया जाएगा, गलत धाराओं में चालान बनाने की मनमानी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
ट्रैफिक पुलिस अब खासतौर पर रेड लाइट उल्लंघन, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, वन-वे तोडऩा, गलत पार्किंग और मॉडिफाइड साइलेंसर पर कार्रवाई करेगी। साइलेंसर में छेड़छाड़ मिलने पर उसे मौके पर ही जब्त किया जाएगा। इस बैठक में दिए दिशा-निर्देशों के तहत बीते दिनों से मातहतों और आमजन के बीच सुलग रही नाराजगी को ठंडा करने की कोशिश की गई है।
बदलाव का ये भी है बड़ा कारण
इस बदलाव के पीछे एक और बड़ा कारण है भीषण गर्मी भी है। तपती धूप में घंटों सड़क पर खड़े होकर कार्रवाई करने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा था। वहीं आम लोग भी चिलचिलाती धूप में रुककर परेशान हो रहे थे। अंदरखाने पुलिसकर्मियों में इसको लेकर असंतोष था, जो सामने आने लगा था।
डीसीपी ट्रैफिक आरके त्रिपाठी के मुताबिक, अब ट्रैफिक प्रबंधन प्राथमिकता रहेगा और कार्रवाई संवेदनशीलता के साथ की जाएगी। बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोगों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में करीब 1.80 लाख चालान सिर्फ हेलमेट न पहनने पर किए गए थे, जबकि कुल चालान 2.54 लाख से ज्यादा रहे और 10 करोड़ से अधिक की वसूली हुई।
ऐसे में यह नया फैसला न सिर्फ सिस्टम में बदलाव है, बल्कि ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों का जवाब भी माना जा रहा है।
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