पिस्टलबाज निकला अय्याश पार्टियों का आर्गेनाइजर: आरोपी सूरजभान की मोनू उर्फ जीजा के नाम से है पहचान
KHULASA FIRST
संवाददाता

भड़कीले कपड़ों में करती है मुजरा, छलकते हैं जाम तो होता है ड्रग्स का नशा भी
20 से ज्यादा युवतियाें के साथ ही विदेशी युवतियां भी
दिल्ली, मुंबई तो क्या विदेशी युवतियां भी हैं गिरोह में
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
खुड़ैल पुलिस ने दो अप्रैल की देर रात ग्राम गढ़ी स्थित अनुभूति फार्म हाउस से सूरजभान सिंह राघव को शराब पीते पकड़ा था। उससे एक अवैध पिस्टल और दो जिंदा कारतूस और स्कॉर्पियो (डीएल 4सी बीडी 3562) भी बरामद हुई थी।
पुलिस की जांच में सूरजभान और फार्म हाउस पर आने वालों की रजिस्टर में एंट्री नहीं मिलने पर पुलिस ने फार्म हाउस मालिक अर्चना सिंह निवासी निपानिया को भी आरोपी बनाया था। खुलासा फर्स्ट जब मामले की पड़ताल में जुटा तो खुलासा हुआ कि सूरजभान कोई छोटी मछली नहीं है।
ये दिल्ली का रहने वाला सूरजभान इंदौर के देहात क्षेत्र में मोनू उर्फ जीजा के नाम से ख्यात है। ये फार्म हाउस, रिसॉर्ट और होटलों में मुजरा पार्टी करवाने के लिए जाना जाता है। इसके पास अलग-अलग राज्यों की 20 से ज्यादा युवतियांे के साथ विदेशी युवतियां भी हैं, जो कि अपनी अदाओं से मुजरे के शौकीन लोगों का दिल लुभाकर उनकी जेबें खाली कराती हैं।
सूत्रों के मुताबिक मोनू उर्फ जीजा देहात के अलग-अलग थाना क्षेत्रों जैसे मानपुर, बड़गौंदा, महू, सिमरोल, किशनगंज और खुड़ैल स्थित सुनसान इलाकों के फार्म हाउसों व रिसॉर्टों पर मुजरा पार्टी कराता है। खास बात यह भी है कि मोनू उर्फ जीजा
ये काम अकेला नहीं करता, बल्कि इसके साथ धर्मेंद्र बागवान व दो अन्य लोग और भी हैं। धर्मेंद्र बागवान और सूरजभान निमाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध होटलों को भी मुजरा पार्टी करने के लिए किराए पर लेते हैं।
सूत्रों के अनुसार मोनू उर्फ जीजा की गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही इसने और साथियों ने मानपुर की पलास होटल में मुजरा पार्टी कराई थी। इसमें मालवा और निमाड़ के कई रईसजादे और धनाढ्य व्यापारी और उनके शौकीन बच्चे इसमें शामिल हुए थे।
इसमें अय्याशी और बेशर्मी की सारी हदें पार हुई थी। पुलिस ने दबिश भी दी थी, लेकिन मोटे तोड़बट्टे के बाद मामला रफा-दफा हो गया। इतना ही नहीं, धर्मेंद्र बागवान खंडवा के छैगांव माखन थाना क्षेत्र स्थित शौन रिसॉर्ट छह हसीनाओं को लेकर गया था।
खास बात यह कि तब उक्त पार्टी में रईसजादे नहीं बल्कि सरकारी अफसर, न्यायिक अफसर, डिप्टी कलेक्टर व पुलिस अधिकारी मौजूद थे। छैगांव माखन पुलिस की दबिश पर अधिकारी तो इज्जत बचाकर चुपके से निकल गए थे, लेकिन धर्मेंद्र बागवान व युवतियां पकड़ा गई थीं। यहां भी तोड़बट्टे के बाद धर्मेंद्र बच निकला था।
पिछले दिनों शहरी सीमा से लगे अनुभूति फार्म हाउस से खुड़ैल पुलिस ने दिल्ली के सूरजभान सिंह राघव को पकड़ा था। उसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसे सामान्य ग्राहक की तरह फार्म हाउस में ठहरा एक व्यक्ति बताया था, लेकिन खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में वह अय्याश मुजरा पार्टियों का बड़ा आर्गेनाइजर निकला।
खास बात यह कि सूरजभान सिंह की पहचान इंदौर के देहात क्षेत्र में मोनू उर्फ जीजा के रूप में हैं। ये साथी धर्मेंद्र बागवान और दो अन्य के साथ देहात क्षेत्र में मुजरा पार्टी करवाने के लिए जाना जाता है। इसके पास देशभर की युवतियों के साथ विदेशी युवतियां भी हैं, जो कि अपनी अदाओं से मुजरे के शौकीनों का दिल बहलाकर उनकी जेबें खाली कराती हैं।
तब हो गया था बड़ा खेल
युवतियों को लाने ले जाने का काम पहले धर्मेंद्र बागवान करता था। बाद में ये काम उसने भाई रंजन बागवान, शकील भाईजान (खजराना) और गुर्गे हरिओम को सौंप दिया। मोनू उर्फ जीजा का साथी धर्मेंद्र बागवान 24 मई 2025 में लसूड़िया पुलिस के हत्थे उस समय चढ़ा था, जब वह लसूड़िया थाने से महज सौ मीटर दूर एक होटल पर क्षेत्र के ही एक पेट्रोल पंप मालिक द्वारा आयोजित पार्टी में छह युवतियों को मुजरे के लिए लेकर पहुंचा था।
देहात थाने के पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध
देहात क्षेत्र के फार्म हाउस और रिसॉर्ट न सिर्फ रईसजादों की बल्कि पुलिसकर्मियों की भी अय्याशियों के अड्डे बन हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक डेढ़ से दो माह पहले भी बड़गौंदा थाना क्षेत्र के गवली पलासिया स्थित वेकेशन विला रिसॉर्ट में ऐसी ही पार्टी हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी शामिल हुए थे।
इस दौरान चाकूबाजी की घटना हुई थी। मामला पुलिसकर्मियों से जुड़ा होने के चलते दबा दिया गया। ये भी पता चला है विशाल उर्फ भेरूलाल शर्मा और आशीष दुबे ये दोनों भी बड़गौंदा क्षेत्र में पार्टियां कराते हैं।
ये सेटिंगबाजी में भी माहिर है। शर्मा ने क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां भी काटी हैं। कभी इंदौर के रावजी बाजार थाने में पदस्थ रहा एक पुलिकर्मी भी इनका पार्टनर है। क्षेत्र की सभी पार्टियां इनके संरक्षण में ही होती है।
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