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कुप्रबंधन का जाम दम तोड़ती व्यवस्था

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 मार्च 2026, 5:03 pm
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कुप्रबंधन का जाम दम तोड़ती व्यवस्था

सरवटे बस स्टैंड के भीतर जगह नहीं, सड़कों पर लग रही बसों की लंबी कतारें, प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही से व्यापारी और जनता परेशान

चंचल भारतीय 98936-44317 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सरवटे बस स्टैंड प्रशासनिक अनदेखी व घटिया प्रबंधन का केंद्र बन गया है। खरगोन, सेंधवा और बड़वानी जैसे अन्य शहरों से आने वाली सैकड़ों बसों के लिए यह अंतिम पड़ाव तो है, लेकिन यहां की अव्यवस्था यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के लिए गले की फांस बन गई है।

बस स्टैंड के भीतर जगह की कमी और बढ़ती बसों की संख्या के कारण हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि बसों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक लग जाती हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दिनभर चक्काजाम की स्थिति बनी रहती है। हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड के भीतर पहले से खड़ी बसें जगह घेरे रहती हैं, जिसके चलते दूसरे जिलों से आने वाले वाहनों को प्रवेश नहीं मिल पाता।

मजबूरन चालक सड़कों पर ही बसें खड़ी कर देते हैं। इस कुप्रबंधन का सबसे बड़ा खामियाजा यहां के व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। येवले अमृततुल्य, मनमोहन नमकीन, पाटीदार भोजनालय, श्री लीला चाट और सागर ज्यूस जैसे संस्थानों के संचालकों का कहना है कि दिनभर यही आलम रहता है। सड़कों पर रेंगती बसों और शोर-शराबे के कारण न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

जिला प्रशासन और नगर निगम की प्लानिंग यहां आकर दम तोड़ती नजर आती है। स्टैंड के भीतर बसों के रोटेशन को लेकर कोई ठोस नीति नहीं होने से जाम की यह समस्या नासूर बन चुकी है। क्षेत्रीय नागरिकों और दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड की आंतरिक व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और क्षमता से अधिक खड़ी रहने वाली बसों पर लगाम कसी जाए।

यदि समय रहते यातायात और बस स्टैंड प्रबंधन को सुव्यवस्थित नहीं किया गया, तो शहर के इस प्रमुख प्रवेश द्वार पर हालात और अधिक चिंताजनक हो जाएंगे।

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