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शराब दुकानों की नीलामी पर फिर बदला सरकार का रुख: अब तय कीमत से 45 प्रतिशत तक कम दर पर नए टेंडर आमंत्रित; पहले खत्म की थी न्यूनतम बोली की सीमा

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 3:11 pm
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शराब दुकानों की नीलामी पर फिर बदला सरकार का रुख

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया लगातार बदलावों के कारण चर्चा में बनी हुई है। सरकार ने एक बार फिर अपने फैसले में बदलाव करते हुए यू-टर्न लिया है, जिससे पूरी प्रक्रिया अस्थिर नजर आ रही है।

पहले न्यूनतम बोली की सीमा खत्म
प्रदेश में बची करीब 200 दुकानों की नीलामी के लिए पहले न्यूनतम बोली की सीमा खत्म कर टेंडर बुलाए गए थे, लेकिन जब व्यापारियों ने कम दरों पर ऑफर दिए, तो सरकार ने 40 प्रतिशत से कम की सभी बोलियों को खारिज कर दिया। अब सरकार ने एक और बदलाव करते हुए तय कीमत से 45 प्रतिशत तक कम दर पर नए टेंडर आमंत्रित किए हैं।

21 चरणों के बाद भी अधूरी नीलामी
राज्य में 27 फरवरी से शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया जारी है, जो अब तक 21 चरणों में पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद 3553 दुकानों में से लगभग 200 दुकानों को अब भी खरीदार नहीं मिल पाए हैं।

इस स्थिति के पीछे प्रमुख कारण ये हैं
दुकानों की बेस प्राइस में लगभग 20% की बढ़ोतरी। टेंडर नवीनीकरण की पुरानी व्यवस्था का खत्म होना। इन बदलावों के चलते व्यापारी नीलामी में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

नियमों में लगातार बदलाव से भ्रम की स्थिति
नीलामी प्रक्रिया के दौरान सरकार ने बार-बार शर्तों में बदलाव किए हैं। पहले 40% तक कम दर पर टेंडर बुलाए गए। फिर कोई टेंडर नहीं आने पर न्यूनतम सीमा ही खत्म कर दी गई। लेकिन जब कम दरों पर ऑफर आए, तो उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। इससे व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है और नीलामी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इंदौर की दो दुकानें अब भी बाकी
इंदौर में कुल 173 शराब दुकानों में से दो दुकानें अब तक नहीं बिक पाई हैं। ये हैं- सरवटे बस स्टैंड और छोटी ग्वालटोली की दुकान। छोटी ग्वालटोली के लिए हाल ही में 5 टेंडर मिले थे, जिनमें सबसे ऊंची बोली तय कीमत से करीब 43% कम थी। इस वजह से इन्हें फिलहाल होल्ड कर दिया गया है। वहीं, सरवटे बस स्टैंड की दुकान के लिए ताजा टेंडर में एक भी बोली नहीं आई। हालांकि, 31 मार्च को करीब 42% कम दर का एक टेंडर पहले से होल्ड पर है।

आज खुलेंगे नए टेंडर
सरकार ने अब 45% तक कम कीमत पर नए टेंडर बुलाए हैं, जिन्हें आज खोला जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार अधिकांश दुकानों की नीलामी पूरी हो सकती है।

क्या है आगे की चुनौती?
लगातार बदलती शर्तों के कारण व्यापारियों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। नीलामी प्रक्रिया लंबी खिंचती जा रही है। राजस्व पर भी असर पड़ने की आशंका है। अब यह देखना अहम होगा कि 45% तक छूट देने के बाद क्या सरकार सभी दुकानों के लिए खरीदार जुटा पाती है या नीलामी प्रक्रिया में और बदलाव देखने को मिलते हैं।

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