गुंडे को नहीं बनाया आरोपी: राजनीतिक दबाव में लसूड़िया पुलिस; मामला संघ कार्यकर्ता के अपहरण की कोशिश और मारपीट का आरोप
KHULASA FIRST
संवाददाता

जिन्हें आरोपी बनाया उनकी गिरफ्तारी नहीं, राजीनामे की मिल रही धमकियां
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पिछले दिनों संघ कार्यकर्ता के अपहरण की कोशिश और मारपीट के मामले में लसूड़िया पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई न करने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि पहले तो पुलिस ने केस में कम आरोपी बनाए, दूसरा आरोपी हिमाचल कुशवाह पर तो केस ही दर्ज नहीं किया। इतना ही नहीं जिन पर किया उन्हें भी दस दिन बाद भी अब तक गिरफ्तार नहीं किया। नतीजा ये कि पीड़ित को राजनीमे के लिए लगातार धमकियां मिल रही हैं।
उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी को तीन बाणधारी खाटूश्याम मंदिर सिंगापुर टाउनशिप में संघ कार्यकर्ता आशीष साहू और साथी हेमंत पीलिया का मंत्री तुलसी सिलावट के समर्थक मनोज उर्फ बबलू यादव ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर अपहरण कर ले जाने की कोशिश की थी। इस दौरान हिमाचल कुशवाह उर्फ जेसीबी मामा पिता विनायक ठाकुर भी साथ में था। विवाद की वजह प्रॉपर्टी का झगड़ा बताया जा रहा था।
पुलिस ने केवल पांच को ही आरोपी बनाया
आशीष साहू ने खुलासा फर्स्ट को बताया कि लसूड़िया पुलिस ने मनोज उर्फ बबलू यादव, पीयूष दुबे, पवन यादव, रविंद्र सिंह राणा और देवेंद्र यादव पर बलवा, मारपीट जैसी धाराओं में केस दर्ज किया था।
मामले में पूरे 11 दिन बाद भी मेरे, परिजन और गवाहों के बयान लसूड़िया पुलिस ने नहीं लिए हैं। मामले में अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें हिमाचल कुशवाह उर्फ जेसीबी मामा भी हाथों में डंडा लिए और मारपीट करते कैद हुआ था, लेकिन पुलिस ने केस में उसे आरोपी नहीं बनाया।
घटना के समय हमले में करीब 15 से 20 लोग शामिल थे, जिन्होंने मेरे और हेमंत पीलिया के साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस ने केवल पांच को ही आरोपी बनाकर शेष को बचा लिया। पुलिस की ठोस कार्रवाई न होने के चलते आरोपी मुझे और मेरे परिजन को राजीनामे और अपना घर बेचकर जाने का दबाव बनाया जा रहा है। मेरे घर के आसपास वीडियो में नजर आ रहे हमलावर, जिन्हें आरोपी नहीं बनाया गया वे दिनभर जमे रहते हैं। हम लोगों पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
आदतन अपराधी हैं मनोज यादव और हिमाचल
आशीष साहू के अनुसार हिमाचल कुशवाह उर्फ जेसीबी मामा पर शिप्रा और लसूड़िया थाने में पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। केस के मुख्य आरोपी मनोज उर्फ बबलू यादव पर भी लसूड़िया थाने में कातिलाना हमले सहित दो केस दर्ज हैं।
हिमाचल कुशवाह पर थाना शिप्रा में (अपराध क्रमांक 382/2010) धारा 380, 547 भादवि, थाना शिप्रा में (अपराध क्रमांक 64/2010) धारा 323,294,506,342 भादवि, थाना शिप्रा में (अपराध क्रमांक 228/2008) धारा 323,294,506,34 भादवि, थाना लसूड़िया में (अपराध क्रमांक 593/2024) धारा 323,294,506,324 भादवि और मनोज उर्फ बबलू यादव पर थाना लसूड़िया में (अपराध क्रमांक 1015/2020)धारा 323, 294, 506, 307 भादवि, लसूड़िया (अपराध क्रमांक 1916/2022) धारा 323, 294, 506 भादवि।
हाथ फ्रैक्चर हो गया, लेकिन धाराएं नहीं बढ़ाईं
संघ कार्यकर्ता आशीष साहू के अनुसार हमले के दौरान मुझे बहुत चोटें आई थीं। मेरे हाथ में फ्रैक्चर तक हो गया था। हाथ में प्लेट डाली गई है, किंतु अभी तक पुलिस ने मामले में आरोपियों पर संबंधित धाराएं नहीं बढ़ाई हैं। इसके चलते संघ के स्वयंसेवकों में काफी रोष है। इसके चलते आने वाले दिनों में कमिश्नर ऑफिस में एक साथ प्रदर्शन किया जाएगा।
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