एक महागाथा का 'सुनहरा अध्याय': मुकम्मल होने की जिद का नाम है विराट कोहली; रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सामने अब ताज बचाने की जंग
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, हेमंतउपाध्याय।
बेंगलुरु की सुहानी शाम, चिन्नास्वामी स्टेडियम की वो ढलान वाली छतें और हवा के हर झोंके में घुलता 'कोहली-कोहली' का वो सम्मोहक शोर-यह महज क्रिकेट का शोरगुल नहीं होगा। वर्ष 2026 का यह आईपीएल सीजन पिछले अठारह सालों से जरा जुदा है। इस बार जब विराट कोहली मैदान पर कदम रखेंगे, तो उनकी छाती पर सजी 'रेड एंड गोल्ड' जर्सी पर एक 'सुनहरा सितारा' जगमगा रहा होगा।
अटूट तपस्या का प्रमाण
यह सितारा सिर्फ एक लोगो नहीं, बल्कि उस अटूट तपस्या का प्रमाण है जो 2008 से शुरू हुई और 2025 की उस ऐतिहासिक रात को मुकम्मल हुई, लेकिन दुनिया जिसे 'पूर्णता' कहती है, विराट उसे एक 'नई प्यास' मानते हैं। उनके लिए शिखर पर झंडा गाड़ना अंत नहीं, बल्कि उस ऊँचाई पर टिके रहने की सबसे कठिन जंग की शुरुआत है। जब कोहली हुंकार भरते हैं कि मैं एक और चेज के लिए तैयार हूँ, तो वह सिर्फ स्कोरबोर्ड के रनों का पीछा नहीं कर रहे। वे पीछा कर रहे हैं अपनी ही बनाई उस महानता का, जिसे पार करना किसी और के बस की बात नहीं।
एक 'चैंपियन का गुरूर' और एक 'किंग की भूख'
आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट में 28 मार्च को जब सनराइजर्स हैदराबाद टीम यानी एसआरएच के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम यानी आरसीबी उतरेगी, तो मैदान पर सिर्फ खिलाड़ी नहीं, होगा एक 'चैंपियन का गुरूर' और एक 'किंग की भूख'। एंडी फ्लावर की रणनीति और कोहली का जज्बा मिलकर यह तय करेंगे कि क्या आरसीबी की जर्सी पर दूसरा सितारा सजेगा या नहीं। इसमें उनके साथ होंगे इंदौर के रजत पाटीदार जिन्होंने 2025 के सीजन में अपनी कप्तानी में टीम को पहली बार आईपीएल का खिताब दिलाया था। इसी शानदार प्रदर्शन के कारण फिर उनकी कप्तानी पर भरोसा बरकरार रखा गया है।
पहली गेंद से ही अपना रवैया दिखाते हैं
जानकारों के अनुसार कोहली अब ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जो 15वें ओवर तक खेल को ले जाने की सोचते हैं। पिछले सीजन में यह साफ देखा गया कि वे पहली गेंद से ही अपना रवैया दिखाते हैं। वे क्रीज पर आते ही रक्षात्मक की बजाय आक्रामक रवैया अपनाते हैं। रजत पाटीदार के नेतृत्व ने कोहली को मानसिक रूप से आजाद कर दिया है। अब वे कप्तानी के बोझ के बिना एक ऐसे शिकारी की तरह हैं जिसे सिर्फ अपना लक्ष्य दिखाई देता है।
45 मिनट तक अकेले बल्लेबाजी की शैली पर काम
आरसीबी के इस साल के ट्रेनिंग कैंप की एक बात अंदरखाने बहुत चर्चा में है। नेट सेशन के बाद, जब पूरी टीम लौट चुकी थी, विराट करीब 45 मिनट तक अकेले बल्लेबाजी की शैली पर काम कर रहे थे। हेड कोच एंडी फ्लावर ने जब उनसे पूछा कि सब तो हासिल कर लिया है, अब यह अतिरिक्त पसीना क्यों? तब विराट ने मुस्कुराते हुए चिन्नास्वामी के खाली स्टैंड्स की तरफ इशारा किया और कहा-"एंडी, यह सितारा (जर्सी पर लगा स्टार) मुझे सोने नहीं देता। पिछले साल हम जीते क्योंकि हम भूखे थे, इस साल हमें इसलिए जीतना है क्योंकि अब हम 'चैंपियन' कहलाते हैं। उत्तरदायित्व अब 120% से कम में नहीं पूरा होगा।
अब और खतरनाक भूमिका में होंगे विराट कोहली
पूर्व क्रिकेट सितारों का यह कहना शत-प्रतिशत सही है कि टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से संन्यास लेने के बाद विराट अब एक 'स्पेशलिस्ट हंटर' की भूमिका में हैं। जब कोई महान खिलाड़ी केवल एक ही टी-20 टूर्नामेंट के लिए खुद को साल भर संजोता है, तो वह और भी खतरनाक हो जाता है। अब उनके पास खोने को कुछ नहीं और पाने को पूरा ब्रह्मांड है। निश्चित रूप से क्रिकेट प्रेमी इस बार विराट कोहली का वह 'बेखौफ संस्करण' देखेंगे जो शायद करियर के शुरुआती दिनों में था, लेकिन अब उसमें 18 साल का तजुर्बा भी शामिल है।
क्या छू लेंगे 9,000 रनों का ऐतिहासिक 'माइलस्टोन'
विराट कोहली ने अब तक 267 आईपीएल मैचों में 8,661 रन बनाए हैं। उन्हें आईपीएल इतिहास का पहला बल्लेबाज बनने के लिए केवल 339 रनों की और आवश्यकता है। आईपीएल इतिहास में सर्वाधिक 8 शतक उनके नाम दर्ज हैं। बेशक यह सीजन इस सवाल का जवाब होगा कि क्या एक महान खिलाड़ी अपने करियर के ढलान पर भी क्रिकेट की दुनिया के सामने मिसाल पेश कर सकता है।
पहली बार जीत के बाद भावुक हो गए थे विराट
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पहली बार आईपीएल खिताब जीतने के बाद, विराट कोहली काफी भावुक थे। उन्होंने जीत के बाद बेंगलुरु और अपनी टीम के प्रति अपनी अटूट निष्ठा को दोहराते हुए कहा था-"मैंने हमेशा उनके (बेंगलुरु) साथ इसे जीतने का सपना देखा है। यह किसी और के साथ जीतने से कहीं ज्यादा खास है क्योंकि मेरा दिल बेंगलुरु के साथ है, मेरी आत्मा बेंगलुरु के साथ है। मैं जब तक आईपीएल खेलूंगा, बेंगलुरु के लिए ही खेलूंगा।" इस बार भी बेंगलुरु पहुंचने के बाद फैंस के नाम संदेश में विराट कोहली ने कहा- "मैं एक और चेज़ के लिए तैयार हूं. जब भी मैं आरसीबी की जर्सी में होता हूं, तो मैं अपना सब कुछ झोंक देता हूं।
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