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बवासीर के नाम पर इलाज का खेल खत्म: बिना डिग्री वाला क्लिनिक सील; 3 साल बाद जागा प्रशासन

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 अप्रैल 2026, 4:06 pm
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बवासीर के नाम पर इलाज का खेल खत्म

सीएमएचओ से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, करणी सेना के दबाव के बाद कार्रवाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पाटनीपुरा मेन रोड स्थित एक कथित क्लिनिक पर आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। करणी सेना का आरोप है कि यहां बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज किया जा रहा था। खासकर बवासीर के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही थी।

शिकायतें करीब तीन साल से लगातार की जा रही थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मामला गरमाया और बुधवार को करणी सेना ने मैदान संभाला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दवाखाने पर ताला जड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक पाटनीपुरा मेन रोड स्थित ‘राव दवाखाना’ के खिलाफ पहली शिकायत 20 जुलाई 2023 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को की गई थी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में भी मामला उठाया, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

बिना मेडिकल योग्यता के आरोपी खुद को ‘डॉक्टर राव’ बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था और विशेष रूप से बवासीर के उपचार के नाम पर लोगों से पैसे लिए जा रहे थे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिना डिग्री इलाज करने से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा था।

कई लोगों ने आशंका जताई कि गलत उपचार से मरीजों को नुकसान भी हो सकता था। करणी सेना के संगठन मंत्री मानसिंह राजावत के अनुसार, शिकायतकर्ता संगठन के कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी।

इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष सहेंद्र सिंह दीक्षित, प्रदेश महासचिव मनीष सिंह सिसोदिया सहित अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को क्लिनिक को सील कर दिया।

बताया जा रहा है कि 24 फरवरी 2024 को जनसुनवाई में भी शिकायत रखी गई थी, लेकिन कार्रवाई में लगातार देरी होती रही। करणी सेना ने मांग की है कि बिना डिग्री इलाज करने वाले फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो सके।

संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई गलत तरीके से क्लिनिक संचालित कर लोगों को गुमराह न कर सके।

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