प्रॉपर्टी के काले खेल का ‘फरार चेहरा’ फिर घिरा: बिल्डर सुनील भाटिया की अग्रिम जमानत खारिज
KHULASA FIRST
संवाददाता

ढाई साल से पुलिस को दे रहा चकमा, 10 से ज्यादा प्रकरणों में नाम
अब गिरफ्तारी की संभावना तेज, कई पीड़ितों को मिली राहत
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के प्रॉपर्टी कारोबार में लंबे समय से विवादों और धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे बिल्डर सुनील भाटिया को झटका लगा है। सेशन कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पुलिस की कार्रवाई तेज होने के संकेत हैं और लंबे समय से फरार चल रहे भाटिया की गिरफ्तारी की संभावना भी बढ़ गई है।
करीब ढाई साल से फरार बताए जा रहे भाटिया के खिलाफ शहर में धोखाधड़ी के करीब 10 प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने उसे 5000 रुपए का इनामी अपराधी भी घोषित कर रखा है। पुलिस रिकॉर्ड और शिकायतों के आधार पर जो तस्वीर उभर रही है, उसमें वह प्रॉपर्टी डील, कॉलोनियों के विकास, प्लॉटिंग और जमीन के सौदों के नाम पर लोगों को लंबे समय तक उलझाकर रखने और फिर रकम अटकाने के आरोपों में घिरा हुआ है। भाटिया का मामला अब केवल एक या दो सौदों तक सीमित नहीं माना जा रहा। पुलिस और पीड़ितों के दावों के अनुसार, यह एक ऐसा पैटर्न है, जिसमें जमीन मालिक, निवेशक और ग्राहक तीनों पक्ष प्रभावित हुए हैं।
आरोप है कि आरोपी कई मामलों में जमीन को लेकर बड़े-बड़े वादे करता, एडवांस और निवेश राशि लेता, प्रोजेक्ट या कॉलोनी का भरोसा दिलाता, लेकिन बाद में सौदे अधर में छोड़ देता था। यही वजह है कि इंदौर के अलग-अलग इलाकों में उससे जुड़े कई विवाद अब आर्थिक अपराध के रूप में सामने आ चुके हैं। करोड़ों रुपए के लेनदेन और अटकी हुई प्रॉपर्टी डील्स के कारण कई परिवार, निवेशक और जमीन मालिक लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
तिरुमला सॉलिटेयर’ नाम से भी विवाद
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भाटिया के खिलाफ इससे पहले भी बाणगंगा थाने में प्रकरण दर्ज है। बताया जा रहा है कि यह मामला ‘तिरुमला सॉलिटेयर’ नामक प्रोजेक्ट/कॉलोनी से जुड़ा है। इस नाम से जुड़े विवाद में भी आरोप यही हैं कि प्रॉपर्टी सौदों, प्लॉटिंग या निवेश के नाम पर आर्थिक लेनदेन हुआ, लेकिन आगे चलकर पूरा मामला विवादों में बदल गया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो ऐसे मामलों में एक समान पैटर्न दिखाई दे रहा है, लुभावने आश्वासन, बड़ी रकम, लंबी प्रतीक्षा और अंत में विवाद। यही वजह है कि अब पुलिस और जांच एजेंसियां सिर्फ अलग-अलग केस नहीं, बल्कि पूरे कारोबारी पैटर्न और नेटवर्क को समझने की कोशिश में जुटी हैं।
भंवरासला की कॉलोनी का फिर गरमाया मामला
इस पूरे घटनाक्रम में हालिया बड़ा मामला भंवरासला क्षेत्र की एक कॉलोनी से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस मामले में उमा गोयल के साथ करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है। इसी शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच में प्रकरण दर्ज किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ एक जमीन विवाद नहीं, बल्कि कॉलोनी और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट के नाम पर बड़े आर्थिक लेनदेन से जुड़ा है। आरोप है कि भरोसे और प्रोजेक्ट के नाम पर रकम ली गई, लेकिन न तो सौदा नियमानुसार पूरा हुआ और न ही निवेशक को अपेक्षित लाभ या कब्जा मिल सका।
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