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सफल रिसर्च का आधार मजबूत टीम वर्क और वैज्ञानिक सोच: छात्रों को रिसर्च; एआई और ग्लोबल मेडिकल इनोवेशन पर किया प्रेरित

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 अप्रैल 2026, 6:53 pm
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सफल रिसर्च का आधार मजबूत टीम वर्क और वैज्ञानिक सोच

मालवांचल यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. ड्रैगन प्रिमोरैक का विशेष व्याख्यान आयोजित

मानद डॉक्टरेट से किया गया सम्मानित

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मालवांचल यूनिवर्सिटी एवं इंडेक्स समूह संस्थान में क्रोएशियाई राजनीतिज्ञ, चिकित्सक, जेनेटिक्स और फोरेंसिक वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. ड्रैगन प्रिमोरैक का विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने ‘नो रूम फॉर स्माल ड्रीम्स’ विषय पर दूरदर्शी सोच रखने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के महत्व पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर उन्होंने जेनेटिक्स, फॉरेंसिक साइंस, चिकित्सा अनुसंधान और आधुनिक मेडिकल एजुकेशन, डीएनए एनालिसिस की मदद से किस तरह बीमारी की पहचान और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेडिकल, पैरामेडिकल और रिसर्च से जुड़े छात्रों ने भाग लिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक से सीधे संवाद का अवसर प्राप्त किया।

यूएस स्टेट डिपार्टमेंट में (रि.) रीजनल मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेश व्यास ने डॉ. ड्रैगन प्रिमोरैक के बारे में जानकारी दी। मालवांचल यूनिवर्सिटी द्वारा डॉ. ड्रैगन प्रिमोरैक को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में उनके उत्कृष्ट और दूरदर्शी योगदान के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ, मयंक वेलफेयर फाउंडेशन के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया द्वारा मानद उपाधि प्रदान की गई।

चिकित्सा विज्ञान में शोध और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही
डॉ. प्रिमोरैक ने कहा कि डीएनए प्रौद्योगिकी आज चिकित्सा और फॉरेंसिक जांच का सबसे सशक्त माध्यम बन चुकी है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में शोध और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में युवाओं को पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना होगा।

उन्होंने कहा कि सीमाओं से आगे बढ़कर सोचना होगा, तभी आप अपने क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। किसी भी सफल रिसर्च का आधार मजबूत टीम वर्क और वैज्ञानिक सोच होती है। यदि हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

डॉ. प्रिमोरैक ने अपने शोध कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके कई रिसर्च पेपर प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल जैसे साइंस और नेचर में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि रिसर्च केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता और देश के विकास का एक महत्वपूर्ण साधन और रिसर्च ही देश का भविष्य है। इस दौरान उन्होंने छात्रों के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन भी किया और उन्हें सुधार व नवाचार के लिए सुझाव दिए।

दोनों देश वैज्ञानिक और चिकित्सा संबंधों को नई दिशा दे रहे
उन्होंने भारत में अपने अनुभवों के बारे में बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मैंने दो बार मुलाकात की है। एक बार नई दिल्ली में उनके निमंत्रण पर और दूसरी बार क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक यात्रा के दौरान। इन बैठकों में भारत और क्रोएशिया के बीच विज्ञान, चिकित्सा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

डॉ. प्रिमोरैक ने बताया कि वे कई वर्षों से भारतीय वैज्ञानिकों के साथ मिलकर मानव जीनोम विश्लेषण, चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ट्रांसलेशनल बायोमेडिसिन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि मेसेनकाइमल स्टेम कोशिकाओं के उपयोग पर केंद्रित एक संयुक्त क्लीनिकल अध्ययन भी शुरू किया गया है, जो दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक और चिकित्सा संबंधों को नई दिशा दे रहा है।

इस अवसर पर इमरान सलात,अनूप अग्रवाल, डॉ. एचबीएस भदौरिया, डॉ. देवेंद्र कुमार तनेजा एवं डॉ. राहुल हेगड़े सहित विभिन्न अतिथि भी शामिल हुए।

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