बेटी ने अब विवाद को दी हवा: वरिष्ठ नेता के साथ व्यवहार पर प्रधानमंत्री को लिखा पत्र; मामले को बताया सोची-समझी साजिश, निष्पक्ष जांच की मांग
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में हुई एक कथित अपमानजनक घटना ने अब राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श में बड़ा रूप ले लिया है। वरिष्ठ भाजपा नेता और राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन (सत्तन गुरु) के साथ हुए व्यवहार को लेकर उनकी बेटी कनुप्रिया सत्तन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत खुला पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम को “सोची-समझी साजिश” बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सीट आरक्षित थी
29 मार्च को इंदौर के दशहरा मैदान में आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम में, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्य अतिथि थे, सत्तन गुरु को मंच पर आमंत्रित अतिथियों की सूची में शामिल किया गया था। जानकारी के अनुसार, 69 अतिथियों की सूची में उनका नाम 26वें स्थान पर था और उनके लिए सीट भी आरक्षित थी।
बदल गई स्थिति
लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर स्थिति बदल गई। उनकी सीट से नाम की पर्ची गायब थी और एक कार्यकर्ता ने उन्हें यह कहकर मंच पर जाने से रोक दिया कि सूची में उनका नाम नहीं है। इस अप्रत्याशित स्थिति से आहत होकर सत्तन गुरु कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही वापस लौट गए।
बेटी ने कही यह बात
अपने पत्र में कनुप्रिया सत्तन ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया। उनका कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध कृत्य है। पूर्व निर्धारित सूची में नाम होने के बावजूद अंतिम समय में पर्ची हटाना संदेहास्पद है और इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विवाद और असहजता पैदा करना हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह सब किसी “मुख्यमंत्री-विरोधी” तत्व के इशारे पर किया गया हो सकता है, ताकि राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
गंभीर माना चाहिये इस घटना को
कनुप्रिया ने अपने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि उनके पिता ने वर्षों तक भाजपा और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई है। संगठन, विचारधारा और राष्ट्रहित के लिए उनके योगदान को देखते हुए इस प्रकार का व्यवहार और भी गंभीर माना जाना चाहिए।
राजनीतिक हलचल हुई तेज
घटना के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। भाजपा की ओर से शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा स्वयं सत्तन गुरु के घर पहुंचे और माफी की बात कही। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने फोन कर खेद जताया और इसे “तकनीकी गलती” बताया। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने सत्तन गुरु से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया और भाजपा पर तीखा हमला बोला।
जाना-माना नाम हैं सत्तन
सत्यनारायण सत्तन इंदौर की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। वे पूर्व विधायक रह चुके हैं और राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के कवि के रूप में भी उनकी पहचान है। उनकी बेटी कनुप्रिया सत्तन दिल्ली में पत्रकारिता कर चुकी हैं और फरवरी 2026 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद से सक्रिय राजनीतिक भूमिका में नजर आ रही हैं।
अब जांच की प्रतीक्षा
यह मामला अब केवल एक कार्यक्रम की अव्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा, आंतरिक खींचतान और लोकतांत्रिक शिष्टाचार के बड़े सवालों से जुड़ गया है। अब देखना यह है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच होती है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाती है या नहीं।
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