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नर्मदा के चौथे चरण से बुझेगी शहर की प्यास: 2050 की जरूरतों पर फोकस; इंदौर निगम का 8455 करोड़ का बजट पेश, जनता पर नया टैक्स नहीं

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 अप्रैल 2026, 1:54 pm
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नर्मदा के चौथे चरण से बुझेगी शहर की प्यास

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महापौर ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह लेखा-जोखा वर्ष 2050 के इंदौर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। शहर अब मेट्रोपोलिटन रीजन के रूप में उद्योग-व्यापार का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। बजट का मुख्य आकर्षण नर्मदा प्रोजेक्ट का चौथा चरण है, जिसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे शहर को 450 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा। जलूद में सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है, जिससे बड़ी बचत होगी।

सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल किया
शहर के बुनियादी विकास के लिए मास्टर प्लान की 23 सड़कों का निर्माण और नई सीवरेज लाइनें बिछाने का काम प्राथमिकता पर रहेगा। चंदन नगर ब्रिज का काम शुरू हो गया है और सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल कर दिया गया है।

कचरा प्रबंधन को लेकर इंदौर एशिया का सबसे बड़ा बायो प्लांट विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। चिड़ियाघर को ‘जीरो वेस्ट’ बनाने के साथ ही फिश एक्वेरियम के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। पुराने कपड़ों से धागा बनाने का काम भी शुरू किया गया है।

नगर निगम मुख्यालय के अटल सदन (अटल बिहारी वाजपेयी परिषद सभागृह) में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया। वंदे मातरम गान के साथ शुरू हुए इस सत्र में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 8455 करोड़ की आय और 8443 करोड़ के व्यय वाला ई-बजट पेश किया।

महापौर के कार्यकाल के इस चौथे बजट में शहरवासियों पर किसी भी तरह का नया कर नहीं लगाया गया है। बजट बैठक के दौरान सभापति मुन्नालाल यादव, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, सांसद शंकर लालवानी, नगर निगम प्रतिनिधि कपिल जैन, विशाल गिडवानी सहित महापौर परिषद के सदस्य, पार्षद और नेता प्रतिपक्ष दल के सदस्य मौजूद थे।

हर वार्ड में योग शेड बनाए जाएंगे
उन्होंने बताया कि खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कबीटखेड़ी, नंदानगर और विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। क्षेत्र क्रमांक 4 में निर्माण की जिम्मेदारी आईडीए की होगी।

इसके अलावा शहर के हर वार्ड में योग शेड बनाए जाएंगे। पशु संरक्षण के लिए महू क्षेत्र में 10 हजार गोवंश की क्षमता वाली आधुनिक गोशाला बनाई जा रही है।

स्वच्छता के मामले में इंदौर इस बार देपालपुर के साथ मिलकर फिर से नंबर वन बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

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