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प्रतिष्ठित आईटी कंपनी का कैंपस अस्थायी रूप से किया बंद: वर्क फ्रॉम होम किया लागू; इन सनसनीखेज आरोपों का खुलासा होने के बाद चल रही जांच

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 2:36 pm
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प्रतिष्ठित आईटी कंपनी का कैंपस अस्थायी रूप से किया बंद

खुलासा फर्स्ट, नासिक।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ कैंपस से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के मामले का खुलासा होने के बाद कंपनी प्रबंधन ने बड़ा निर्णय लिया है। सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए फिलहाल पूरे सेंटर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) के निर्देश दिए गए हैं।

कंपनी ने कही ये बात
कंपनी के अनुसार, यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निष्पक्ष जांच में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए उठाया गया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कैंपस में नियमित संचालन बंद रहेगा।

कर्मचारियों की सुरक्षा और माहौल को देखते हुए फैसला
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में सामने आए आरोपों के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। ऐसे में प्रबंधन ने स्थिति को नियंत्रित करने और कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए तुरंत WFH लागू किया। मामले की जांच पुलिस के साथ-साथ कंपनी की आंतरिक टीम भी कर रही है, ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके।

मामले में गिरफ्तारी और एफआईआर का दायरा बढ़ने के आसार
अब तक इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक महिला एचआर एग्जिक्यूटिव अभी फरार बताई जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार 3 और पीड़ित महिलाएं FIR दर्ज करा सकती हैं। इसके बाद कुल मामलों की संख्या 9 से बढ़कर 12 हो सकती है। आज 5 आरोपियों की जमानत अर्जी पर अदालत में सुनवाई भी प्रस्तावित है।

गुप्त ऑपरेशन से हुआ खुलासा
इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद एक गुप्त जांच शुरू की गई। इस जांच के तहत महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कैंपस के भीतर तैनात किया गया।

कैंपस के अंदर की गतिविधियों पर नजर
इस अंडरकवर ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने कैंपस के अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी। कई अहम सबूत जुटाए और कथित तौर पर टीम लीडर्स द्वारा पद के दुरुपयोग के संकेत पाए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ कर्मचारियों को निशाना बनाकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

शिकायत से शुरू हुआ मामला
प्रारंभिक शिकायत में दावा किया गया था कि कंपनी में कार्यरत एक हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही थी, जिसके आधार पर धर्म परिवर्तन से जुड़े संदेह उत्पन्न हुए। इसी बिंदु से शुरू हुई जांच आगे चलकर एक बड़े और संवेदनशील मामले में बदल गई।

आगे की स्थिति
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और कई पहलुओं पर जांच एजेंसियां काम कर रही हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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