पुलिसकर्मियों की शिकायत करने वाला व्यापारी खुद आदतन आरोपी: पुलिस जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा; अनेक शहरों में दर्ज हैं प्रकरण
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया इलाके में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाला व्यापारी गौरव जैन अब खुद गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गौरव जैन पर मध्यप्रदेश के कई शहरों में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हैं।
कई जिलों में केस और वारंट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गौरव जैन के खिलाफ ग्वालियर में दो गिरफ्तारी वारंट और झाबुआ और शाजापुर में एक-एक वारंट लंबित है। इसके अलावा उस पर मारपीट, चेक बाउंस और अन्य आपराधिक धाराओं में भी प्रकरण दर्ज हैं, जिससे वह एक आदतन आरोपी के रूप में सामने आ रहा है।
पहले पुलिसकर्मियों पर लगाए थे गंभीर आरोप
गौरव जैन ने हाल ही में लसूड़िया थाने के पांच पुलिसकर्मियों एसआई संजय विश्नोई, हेड कांस्टेबल रणवीर कुशवाह, प्रणीत भदौरिया, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। हालांकि अब मामले में नया मोड़ आ गया है, क्योंकि शिकायतकर्ता की खुद की आपराधिक पृष्ठभूमि का खुलासा हो चुका है।
रिटायर्ड एसीपी को 100 से ज्यादा कॉल कर धमकाने का आरोप
मामले में एक और गंभीर पहलू का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड एसीपी राकेश गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गौरव जैन ने उन्हें 100 से अधिक बार फोन कॉल किए और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने पुलिस को ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी, जिसमें गौरव कथित तौर पर उन्हें धमकाते हुए सुनाई दे रहा है। इस आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
फ्लैट विवाद और कानूनी लड़ाई
जानकारी के अनुसार, गौरव जैन अपनी पत्नी और बेटे के साथ जिस फ्लैट में रह रहा है, वह किराए का है। इस फ्लैट को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। वर्ष 2020 में फ्लैट खाली नहीं करने को लेकर मामला सामने आया था।
महिला संबंधी अपराध का केस दर्ज कराया था
गौरव की पत्नी ने जज के पति विवेक के खिलाफ महिला संबंधी अपराध का केस दर्ज कराया था। यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि समझौते के तहत गौरव फ्लैट अपने नाम कराने की मांग कर रहा है, जबकि दूसरी ओर विवेक ने भी गौरव के खिलाफ गाली-गलौज और धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराई है।
पुलिस पर जबरन घुसने और कैश-गोल्ड लेने का आरोप
गौरव जैन ने 16 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस टीम वारंट की तामिली के दौरान उसके घर में जबरन घुसी। उसके मुताबिक पुलिसकर्मियों ने घर का ताला तोड़ा, सीसीटीवी कैमरे तोड़े और उसे जबरन गिरफ्तार कर ग्वालियर ले जाया गया। साथ ही एक पुलिसकर्मी ने उससे 27 हजार रुपये लिए। साथ ही सोना ले जाने का भी आरोप लगाया। इस शिकायत पर विभागीय जांच शुरू हुई थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी को छोड़कर बाकी को थाने से हटा दिया गया।
किराया या रिश्वत? विवाद बरकरार
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित पुलिसकर्मी राकेश शर्मा के बेटे द्वारा किराए की कार उपलब्ध कराई गई थी। बताया गया कि पुलिस ने पहले बस या ट्रेन से जाने का सुझाव दिया था। लेकिन गौरव ने निजी वाहन से जाने की मांग की। इसके बाद कार का किराया और ठहरने का खर्च लिया गया। जहां गौरव इसे रिश्वत बता रहा है, वहीं पुलिस पक्ष इसे यात्रा खर्च बता रहा है। इस मुद्दे पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पुलिस कमिश्नर का बयान
मामले पर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने कहा है कि जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वह पुलिसकर्मी हो या शिकायतकर्ता।
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