अवैध पेंट हॉउस का अहंकार सड़क पर बेकसूर की हत्या: सोशल मीडिया पर दिखाता था कानून तोड़ने की स्टाइल; तेज रफ्तार और हूटर का शौक पड़ा भारी
KHULASA FIRST
संवाददाता

चालान पर चालान, फिर भी नहीं सुधरा आरोपी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया क्षेत्र में इंजीनियर शंपा पांडे (पाठक) की मौत के मामले में आरोपी मोहनीश चौधरी उर्फ जाट के आपराधिक रिकॉर्ड का लगातार खुलासा हो रहा है।
पुलिस कार्रवाई के बावजूद आरोपी पर न तो चालान का असर हुआ न ही कानून के डर का। तेज रफ्तार, बिना नंबर प्लेट, ब्लैक फिल्म, हूटर व बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने जैसे कई मामलों में कार्रवाई के बाद भी आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया था। जिसका भुगतान उसके और मृतक के परिवार को उठाना पड़ रहा हैं।
जानकारी के मुताबिक लसूड़िया थाना क्षेत्र की शिव वाटिका स्थित सागर समृद्धि एनक्लेव में हुए चर्चित हत्याकांड में आरोपी मोहनीश चौधरी उर्फ जाट की लापरवाह और आपराधिक प्रवृत्ति की परतें खुलती जा रही हैं। खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी मोहनीश चौधरी को कम उम्र से ही ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने की आदत थी। करीब आधा दर्जन से अधिक बार उसकी गाड़ी पर चालान की कार्रवाई हो चुकी है। कई बार यातायात पुलिस ने उसकी कार पकड़ी, जबकि एक बार लसूड़िया पुलिस भी उसे पकड़ चुकी है।
इसके बावजूद आरोपी की हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। खास बात यह भी है कि आरोपी सोशल मीडिया पर भी अपनी खतरनाक ड्राइविंग के वीडियो और फोटो शेयर करता था। तेज रफ्तार में कार चलाना, कार ड्रिफ्टिंग करना, पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने जैसे पोस्ट उसकी इंस्टाग्राम आईडी पर भरे पड़ी हैं।
इससे साफ होता है कि आरोपी को कानून का कोई डर नहीं था, बल्कि वह नियम तोड़ने को स्टाइल समझता था। खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार यदि नाबालिग द्वारा वाहन चलाते हुए बार-बार नियम तोड़े जाते हैं तो वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने तक का प्रावधान है। साथ ही वाहन मालिक पर भारी जुर्माना और कार्रवाई भी की जा सकती है। बावजूद इसके आरोपी के खिलाफ पहले सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उसके हौसले बढ़ते गए।
पूर्व में की गई कार्रवाई में कई गंभीर अनियमितताएं
पूर्व में ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। इनमें बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना, ब्लैक फिल्म का उपयोग, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना, अनधिकृत हूटर और सायरन लगाना, वाहन में अवैध बदलाव करना और खतरनाक ढंग से तरीके से वाहन चलाना शामिल है।
इसके अलावा आदेशों की अवहेलना और पुलिस को जानकारी देने से इनकार करने जैसे मामले भी सामने आए थे। इस पूरे मामले ने शहर में लापरवाह ड्राइविंग और कानून की अनदेखी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि पहले ही सख्त कार्रवाई होती तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी। जिसमें कानून यह कहता है कि, यदि नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो गाड़ी जब्त कर उसके परिजन को बुलाकर मजिट्रेट के सामने पेश किया जाता है।
पेंट हाउस की नहीं थी अनुमति, निगम ने कराया नोटिस तामील
बताया जा रहा है कि नगर निगम ने सागर समृद्धि एनक्लेव स्थित पेंट हाउस को अवैध निर्माण मानते हुए नोटिस जारी किया है। भवन अधिकारी विशाल राठौर के मुताबिक मल्टी का 2023 में नक्शा पास हुआ था, उस समय पेंट हाउस के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। हालांकि मल्टी मालिक को नोटिस तामील करा दिया गया है। वहीं मामले को लेकर बिल्डर भरत बाहेती को कॉल किया तो उनका नंबर बंद आया।
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