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आरोप झूठा: समझौते से किया था इनकार; एसआई पाल

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 अप्रैल 2026, 3:12 pm
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आरोप झूठा

सालों की नौकरी में पहला विवाद, नाइट में टीआई व एडीसीपी भी थे

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
राऊ क्षेत्र में टैक्सी ड्राइवर अभिषेक पाटिल द्वारा आत्महत्या के बाद निलंबित राजेंद्र नगर थाने के एसआई मनोहर पाल ने अपने ऊपर लगे 50 हजार रुपए मांगने और मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

उनका कहना है कि उन्होंने रकम की मांग नहीं की, उल्टा समझौता कराने से इनकार किया था। सीसीटीवी फुटेज में सच्चाई का खुलासा हो जाएगा, जिसमें घटना के दौरान थाने में टीआई व एडि. डीसीपी भी मौजूद थे।

एसआई मनोहर पाल के मुताबिक, सोमवार रात हुए एक्सीडेंट के बाद बीट पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को थाने लाए थे। वे नाइट ड्यूटी पर थे और मामले की जानकारी टीआई नीरज बिरथरे द्वारा उन्हें दी गई थी।

मामला मेरे पास आने पर अभिषेक पाटिल मुझे समझौता कराने का दबाव बना रहा था, मैंने सीधे शिकायतकर्ता से बात करने को कहा था। थाने में अभिषेक के आरोप लगाया था कि कपिल उससे कार की मरम्मत के लिए 25 हजार रुपए मांग रहा है।

मैंने ही दोनों पक्षों से आपस में बात कर मामला सुलझाने को कहा था। बाद में दोनों के बीच 10 हजार रुपए में समझौता होने की बात सामने आई थी। इसके बाद अभिषेक पाटिल ने मुझ पर क्यों आरोप लगाए, उसकी जानकारी मुझे नहीं है। इस दौरान एडीसीपी सुमित केरकेटा भी थाने में थे।

थाने के सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड है। 20 साल की सेवा में मुझ पर पहले कभी कोई आरोप नहीं लगा। अभिषेक पाटिल पर पहले से लूट, चोरी और मारपीट जैसे करीब 8 गंभीर केस हैं। फिलहाल तथ्यों के आधार पर जांच जारी है। बताते हैं, अभिषेक अपने परिवार से अलग पलाश परिसर में एक किन्नर के साथ लिव-इन में रह रहा था।

एसआई सर पर लगाए झूठे आरोप
एक वीडियो में ऑटो चालक दिलीप तंवर ने बताया कि उसने घटना की रात से एक दिन पहले रात को अभिषेक को अपनी ऑटो में बैठाया था। उसने सिलिकॉन सिटी जाने की बात कही थी। 200 रुपए बताने पर उसने 150 रुपए देने की बात कही।

मैंने सहमति दे दी। इस दौरान उसने शराब दुकान पर रूकने की बात भी कही। ऑटो में बैठने के बाद वह मोबाइल पर अपनी गर्लफ्रेंड से विवाद करने लगा। आईपीएस के सामने उसने फोन काट दिया। इसके बाद रेती मंडी शराब दुकान पर ऑटो रुकवाया।

किसी को फोन किया और बियर की चार केन मांगी। सामने वाला कुछ देर में केन लेकर आ गया। इसके बाद अभिषेक मुझे कादम्बरी तक ले गया और पैसे देकर रवाना कर दिया। मैं भी सीधे अपने घर चला गया।

अगली सुबह पता चला कि उसने जान दे दी और एसआई मनोहर सर पर उनकी छबि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए, जबकि वह खुद पहले से ही किसी और बात को लेकर परेशान था।

पीड़ित चालक बोला... नहीं की थी पैसे की डिमांड
कपिल सोमानी के मुताबिक घटना के समय वह पान खाने रुका था। तभी तेज रफ्तार कार चालक (अभिषेक पाटिल) ने आते ही मेरी कार पीछे से ठोंक दी। विरोध किया तो चालक अभिषेक पाटिल बदसूलकी करने लगा। तभी आसपास खड़े लोगों ने पुलिस को बुलाने को कहा।

घटना के समय चालक अभिषेक पाटिल नशे में धुत था। पुलिस आई और हमें थाने ले गई। वहां पर पुलिसकर्मी मौजूद थे। मेरे द्वारा चालक अभिषेक पाटिल को सिर्फ गाड़ी का काम कराने का ही कहा था। टीआई नीरज बिरथरे आए।

उन्होंने भी अभिषेक पाटिल द्वारा समझौते का दबाव बनाने पर कहा था कि दोनों का आपसी राजीनामा हो रहा हैं तो ठीक है नही तो मेरी कपिल की ओर से एफआईआर कर देना।

उस समय किसी भी पुलिसकर्मी ने अभिषेक से पैसे की मांग नही की थी। अगले दिन अभिषेक काम कराने का कहकर चला गया था। पुलिस ने हम दोनों के नाम रजिस्टर में नोट किए उसके बाद हम अपने घर निकल गए।

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