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69 साल पुरानी यह ट्रेन हुई मॉडर्न: नए कोच से अब सफर होगा तेज; सुरक्षित और ज्यादा आरामदायक

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 अप्रैल 2026, 2:09 pm
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69 साल पुरानी यह ट्रेन हुई मॉडर्न

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित ट्रेनों में शामिल नर्मदा एक्सप्रेस अब पूरी तरह आधुनिक रूप में नजर आ रही है। मालवा अंचल की पहचान रही यह करीब 69 साल पुरानी ट्रेन अब पुराने आईसीएफ कोच को छोड़कर एडवांस एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच के साथ दौड़ रही है। छत्तीसगढ़ से नए कोच के साथ जब ट्रेन इंदौर पहुंची, तो यात्री इसके नए लुक और सुविधाओं को देखकर उत्साहित नजर आए।

अब सफर होगा और तेज
नए एलएचबी कोच लगने के बाद ट्रेन की रफ्तार और यात्रा अनुभव दोनों में बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां झटके और शोर ज्यादा महसूस होता था, वहीं अब सफर काफी स्मूद और शांत हो गया है। आधुनिक सस्पेंशन और बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम के कारण लंबी दूरी की यात्रा भी ज्यादा आरामदायक हो गई है।

क्या बदला?
पहले नर्मदा एक्सप्रेस में आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) के पारंपरिक कोच लगाए जाते थे, जो भारी होते थे और उनकी अधिकतम रफ्तार करीब 110-120 किमी/घंटा तक सीमित रहती थी।

अब यह स्थिति
अब लगाए गए एलएचबी कोच स्टेनलेस स्टील से बने हल्के और मजबूत होते हैं, जिनकी गति क्षमता 160 से 200 किमी/घंटा तक होती है। ये जर्मन तकनीक पर आधारित हैं और सुरक्षा के लिहाज से अधिक उन्नत माने जाते हैं।

सुरक्षा और सुविधा में बड़ा अपग्रेड
LHB कोच में कई आधुनिक फीचर्स शामिल हैं- एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन, जिससे दुर्घटना में कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, डिस्क ब्रेक और बेहतर सस्पेंशन, कम शोर और ज्यादा स्थिरता, उच्च गति पर भी बेहतर नियंत्रण और रखरखाव में आसान और टिकाऊ। इन सुविधाओं से यात्रियों की सुरक्षा और आराम दोनों में इजाफा हुआ है।

1957 से अब तक का सफर
नर्मदा एक्सप्रेस की शुरुआत 1 नवंबर 1957 को हुई थी। इसका नाम नर्मदा नदी के नाम पर रखा गया, जिसे मध्यप्रदेश की जीवनरेखा माना जाता है। यह ट्रेन इंदौर से चलकर उज्जैन, भोपाल, इटारसी, जबलपुर, कटनी, अनूपपुर होते हुए बिलासपुर तक जाती है। करीब 21-22 घंटे के इस लंबे सफर में अब कुल 22 LHB कोच लगाए गए हैं, जिनमें एसी फर्स्ट, सेकंड, थर्ड, स्लीपर और जनरल कोच शामिल हैं।

यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव
रेलवे के इस आधुनिकीकरण से न सिर्फ ट्रेन की स्पीड और सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि यात्रियों को पहले से कहीं बेहतर और आरामदायक सफर का अनुभव भी मिलेगा। नर्मदा एक्सप्रेस का यह नया रूप पुराने सफर की विरासत को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।

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