कॉलेज में छात्रों का हंगामा: इंटर्नशिप के नाम पर वसूली का आरोप; उच्च शिक्षा विभाग ने बनाई जांच समिति
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के शासकीय होलकर कॉलेज में इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से लाखों रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। छात्र संगठनों ने इसमें कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जबकि कॉलेज प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामला जांच में है और रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाएगी।
मिलीभगत के आरोप, एमओयू पर सवाल
एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष जावेद खान का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट अधिकारी इस पूरे मामले में शामिल हैं। उनके अनुसार, सत्र 2025-26 के लिए इन्फ्लक्स सोर्सिंग कंपनी के साथ एमओयू साइन किया गया, जिसके बाद छात्रों पर इंटर्नशिप करने का दबाव बनाया गया।
हालांकि, इंटर्नशिप के नाम पर केवल पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और स्पोकन इंग्लिश की कक्षाएं संचालित की गईं।
फीस वसूली और फर्जी सर्टिफिकेट का आरोप
छात्रों का कहना है कि प्लेसमेंट और इंटर्नशिप के नाम पर 500 से 3000 रुपए तक की राशि वसूली गई। आरोप है कि कोर्स पूरा होने के बाद जो प्रमाण पत्र दिए गए, उन पर किसी अन्य कंपनी वेल्प कंसल्टेंसी लिमिटेड का नाम अंकित था, जबकि इंटर्नशिप इन्फ्लक्स सोर्सिंग के माध्यम से कराई गई बताई गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित कंपनी का विजय नगर स्थित कार्यालय वास्तविक रूप से मौजूद नहीं है।
व्हाट्सएप और QR कोड से दबाव बनाने का दावा
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कॉलेज के कुछ अधिकारी और शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए लगातार मैसेज भेजकर क्यूआर कोड के माध्यम से फीस जमा करने का दबाव बना रहे थे। जब छात्र दिए गए पते पर पहुंचे, तो वहां कोई ऑफिस नहीं मिला, जिससे एजेंसी के फर्जी होने की आशंका और गहरा गई।
आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेताओं ने मांग की है कि फर्जी एजेंसी पर तत्काल रोक लगाई जाए, वसूली गई राशि छात्रों को लौटाई जाए और उन्हें अपनी पसंद से इंटर्नशिप चुनने की स्वतंत्रता दी जाए। साथ ही दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका को लेकर भी जांच की मांग की गई है।
चेतावनी दी गई है कि कार्रवाई नहीं होने पर मामला कुलगुरु, उच्च शिक्षा विभाग और लोकायुक्त तक ले जाया जाएगा, और जरूरत पड़ने पर भोपाल में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रबंधन का पक्ष
कॉलेज की प्राचार्य अनामिका जैन ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित जांच समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुकी है, जिसे जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा कि छात्रों का पक्ष भी सुना गया है।
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