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स्टेट जीएसटी कमिश्नर के सख्त फैसलों से हलचल: विभाग में हड़कंप का माहौल; अनेक अधिकारी असहज

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 अप्रैल 2026, 2:27 pm
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स्टेट जीएसटी कमिश्नर के सख्त फैसलों से हलचल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश स्टेट जीएसटी विभाग के कमिश्नर और 2010 बैच के आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी अपने सख्त और त्वरित निर्णयों के चलते एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके हालिया फैसलों के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है और कई अधिकारी असहज बताए जा रहे हैं।

फेसलेस सुनवाई और रेंडम केस अलॉटमेंट बड़ा बदलाव
कमिश्नर द्वारा लागू किए गए प्रमुख सुधारों में फेसलेस सुनवाई प्रणाली शामिल है, जिसके तहत अब करदाता सीधे विभागीय अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलेंगे। सभी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा रहा है।

रेंडम केस अलॉटमेंट सिस्टम
इसके अलावा, करदाताओं के मामलों का रेंडम केस अलॉटमेंट सिस्टम लागू किया गया है। इसमें किसी भी मामले को उसी जोन के अधिकारी नहीं देखेंगे, बल्कि पोर्टल के माध्यम से यह केस राज्य के किसी भी अधिकारी (जैसे इंदौर, जबलपुर या ग्वालियर) को आवंटित हो सकता है।

एंटी-इवेजन विंग की शक्तियों में बदलाव
एक और बड़ा निर्णय एंटी-इवेजन विंग की कार्यप्रणाली में बदलाव से जुड़ा है। अब इस विंग की छापेमारी और जांच प्रक्रियाओं को पूरी तरह पोर्टल आधारित और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया गया है कि सभी केस एमपीएसईडीसी पोर्टल पर अपलोड होंगे और जांच का जिम्मा अनिवार्य रूप से उसी विंग के पास नहीं रहेगा, बल्कि अन्य जोन के अधिकारी भी इसकी जांच कर सकेंगे।

विभाग में असंतोष और कथित लामबंदी की चर्चा
सूत्रों के अनुसार इन सख्त फैसलों से कुछ प्रभावित अधिकारी असहज हैं और विभाग में असंतोष की स्थिति बनी हुई है। यहां तक कि एक दिन सामूहिक अवकाश पर जाने जैसी चर्चाएं भी सामने आई थीं, हालांकि बाद में राजपत्रित अधिकारी संघ ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव से इनकार कर दिया।

366 फाइलों पर कार्रवाई को लेकर सख्ती
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एंटी-इवेजन विंग में कई फाइलें लंबे समय से लंबित थीं। कथित तौर पर 366 फाइलें अटकी हुई थीं, जिनसे शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व प्रभावित हो सकता था। इस पर कमिश्नर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जानबूझकर फाइलें रोकने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई तक की जा सकती है।

राजस्व में सुधार और कार्यशैली का असर
बताया जा रहा है कि जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद अनय द्विवेदी ने लगातार मॉनिटरिंग और सख्त निर्णयों के जरिए राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया। परिणामस्वरूप जो राजस्व पहले लक्ष्य से करीब 17 प्रतिशत पीछे था, वह घटकर लगभग 4 प्रतिशत की कमी तक आ गया है।

संघ ने भ्रामक मैसेज का किया खंडन
इस बीच विभागीय वाट्सएप ग्रुप में असंतोष और सामूहिक अवकाश की चर्चाओं को लेकर राजपत्रित अधिकारी संघ ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के किसी भी प्रस्ताव या निर्णय का संघ से कोई संबंध नहीं है। संघ ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें और ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत दें।

पहले भी सख्त कार्यशैली के लिए रहे चर्चा में
अनय द्विवेदी पहले भी अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए चर्चा में रहे हैं। खंडवा में कोविड-19 के दौरान उनकी सख्ती, और पूर्व में विभिन्न पदों पर रहते हुए लिए गए कड़े फैसलों के कारण वे अक्सर सुर्खियों में रहे हैं।

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