खबर
Top News

केदारनाथ में बर्फबारी: घुटनों तक जमी है बर्फ; कपाट इस दिन खुलेंगे, इससे पहले ही बदला नजारा

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 अप्रैल 2026, 1:23 pm
161 views
शेयर करें:
केदारनाथ में बर्फबारी

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर बदल गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में जहां बर्फबारी का सिलसिला जारी है, वहीं कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने आज राज्य के कई हिस्सों में तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है।

केदारनाथ में घुटनों तक बर्फ, कपाट खुलने से पहले बदला नजारा
केदारनाथ धाम में शनिवार सुबह ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में घुटनों तक बर्फ जम गई है। 22 अप्रैल को धाम के कपाट खुलने हैं, उससे पहले बर्फ से ढका यह क्षेत्र बेहद मनमोहक लेकिन चुनौतीपूर्ण स्थिति में नजर आ रहा है।

इन 4 जिलों में बारिश, कई जगह बदला मौसम
राज्य के उत्तरकाशी, टिहरी, नैनीताल और अल्मोड़ा में बारिश दर्ज की गई है। वहीं देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में बादल छाए रहे और दिनभर मौसम बदलता रहा।

7 जिलों में ऑरेंज, 6 में यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आज 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और 40–50 किमी/घंटा (झोंकों में 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 6 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

क्यों बदल रहा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका असर पहाड़ी ही नहीं, मैदानी इलाकों के तापमान पर भी पड़ रहा है, जिससे गर्मी से फिलहाल राहत मिली है।

अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम
5 अप्रैल: कोई बड़ा अलर्ट नहीं, लेकिन पहाड़ों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश संभव। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार।

6 अप्रैल: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना।

7 अप्रैल: 5 जिलों में यलो अलर्ट—तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और बारिश की चेतावनी।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय इलाकों में ट्रैकिंग गतिविधियों को मौसम के अनुसार नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही सीमित रखने और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!