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कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत: कई राज्यों में आपूर्ति प्रभावित; होटल-रेस्टोरेंट बढ़ी कीमत देने को भी तैयार, फिर भी गैस नहीं

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 मार्च 2026, 12:21 pm
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कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत

खुलासा फर्स्ट, दिल्ली।
देश में कुकिंग गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर बड़ा संकट पैदा हो गया है। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित या सीमित कर दी गई है।

घरेलू बाजार में गैस की कमी
इस स्थिति के कारण घरेलू बाजार में गैस की कमी महसूस होने लगी है। होटल-रेस्टोरेंट और छोटे भोजनालय संचालकों का कहना है कि गैस न मिलने से उनका कारोबार ठप होने की कगार पर है। उनका कहना है कि वे बढ़ी हुई कीमत पर भी सिलेंडर लेने को तैयार हैं, लेकिन सप्लाई नहीं मिल रही।

बड़ी खेप ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते
बताया जा रहा है कि भारत में आने वाली LPG की बड़ी खेप ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते आती है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से बढ़े सैन्य तनाव के कारण यह समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ है, जिससे भारत सहित कई देशों में गैस सप्लाई बाधित हो गई है।

गैस सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार का कदम
सप्लाई प्रभावित होने के बाद केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत गैस सप्लाई को नियंत्रित करने का फैसला लिया है। इसके तहत देश में प्राकृतिक गैस के वितरण को प्राथमिकता के आधार पर तय किया जा रहा है।

चार कैटेगरी में गैस की सप्लाई
सरकार ने गैस वितरण को चार श्रेणियों में बांटा है-
1. पहली कैटेगरी – पूरी सप्लाई
घरेलू रसोई गैस (PNG) और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG को प्राथमिकता दी गई है। इनकी सप्लाई सामान्य रूप से जारी रहेगी।

2. दूसरी कैटेगरी – खाद कारखाने
खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को लगभग 70% गैस उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि गैस का उपयोग खाद उत्पादन में ही हुआ है।

3. तीसरी कैटेगरी – बड़े उद्योग
नेशनल गैस ग्रिड से जुड़े चाय उद्योग और अन्य बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत के करीब 80% गैस दी जाएगी।

4. चौथी कैटेगरी – छोटे उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट
शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पिछली खपत के आधार पर लगभग 80% गैस उपलब्ध कराने की योजना है।

राज्यों में बढ़ी परेशानी

मध्य प्रदेश
होटल-रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि हाल ही में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1773 रुपए से बढ़ाकर 1888 रुपए कर दी गई है। वे बढ़ी कीमत देने को तैयार हैं, लेकिन शादी-समारोह के सीजन में सप्लाई रोकना समझ से परे है।

राजस्थान
व्यापारियों के मुताबिक तेल कंपनियों के फैसले से होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर बड़ा संकट आ गया है। इस क्षेत्र से करीब 3 लाख लोग जुड़े हैं और गैस का कोई विकल्प नहीं है।

छत्तीसगढ़
डीलरों को निर्देश दिया गया है कि एजुकेशनल संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर अन्य जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सीमित रखें। इससे होटल-रेस्टोरेंट संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

महाराष्ट्र
मुंबई, पुणे और नागपुर में कॉमर्शियल गैस की भारी कटौती की गई है। पुणे में हालात इतने गंभीर हैं कि नगर निगम ने गैस से चलने वाले शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। राज्य के लगभग 9 हजार रेस्टोरेंट और बार प्रभावित हो सकते हैं।

पंजाब
8 मार्च से 19 किलो वाले कॉमर्शियल और बड़े इंडस्ट्रियल सिलेंडरों की डिस्पैच रोक दी गई है। साथ ही डिस्ट्रीब्यूटर्स को निर्देश दिया गया है कि घरेलू सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन से पहले न लें।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
हैदराबाद समेत कई शहरों में कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग फिलहाल रोक दी गई है। छोटे होटल संचालकों ने सरकार से सप्लाई बहाल करने की मांग की है।

सप्लाई की समीक्षा के लिए हाई-लेवल कमेटी
स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीनों सरकारी तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो गैस सप्लाई की लगातार समीक्षा करेगी।

घरेलू सिलेंडर बुकिंग नियम में बदलाव
सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग का नियम भी बदल दिया है। अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगला सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा।

जमाखोरी रोकने के लिए नई व्यवस्था
गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी के समय अब OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है। साथ ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल प्राथमिकता से घरेलू सिलेंडरों के लिए किया जाए।

संकट की मुख्य वजहें

1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग प्रभावित
फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला लगभग 167 किमी लंबा यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 20% पेट्रोलियम परिवहन का रास्ता है। युद्ध जैसे हालात के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

2. कतर के LNG प्लांट का उत्पादन रुका
अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देश कतर ने अपने LNG प्लांट का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया। भारत अपनी लगभग 40% LNG कतर से आयात करता है।

हाल ही में बढ़े गैस के दाम
सरकार ने हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब 913 रुपए में मिल रहा है, जबकि 19 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर लगभग 1883 रुपए हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण सरकार ने कीमतों में यह बढ़ोतरी की है।

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