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लिव-इन के नाम पर यौन शोषण: शादी का झांसा देकर संबंध बनाए; आरोपी को इतने साल की सजा मिली, कोर्ट ने क्या टिप्पणी की

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 अप्रैल 2026, 12:15 pm
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लिव-इन के नाम पर यौन शोषण

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विवाह का झांसा देकर लिव-इन रिलेशन में युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में इंदौर जिला अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना न केवल विश्वासघात है, बल्कि एक गंभीर आपराधिक कृत्य भी है, जिसके लिए सख्त सजा जरूरी है।

जान-पहचान से शुरू हुआ रिश्ता, धोखे में बदला
मामले के अनुसार, पीड़िता पहले जबलपुर में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत थी। वर्ष 2021 में इंदौर में एक सहेली की जन्मदिन पार्टी के दौरान उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और सितंबर 2021 में युवती इंदौर आकर रहने लगी। कुछ समय बाद आरोपी ने नौकरी की जरूरत बताई, जिस पर पीड़िता ने अपने संपर्कों के माध्यम से उसे एक फर्नीचर फैक्ट्री में काम दिलवाया।

साथ रहने का दबाव और लिव-इन की शुरुआत
मार्च 2022 में कार्यस्थल पर विवाद के चलते युवती ने नौकरी छोड़ दी और जबलपुर लौटने का निर्णय लिया। इसी दौरान आरोपी ने उसे रोक लिया और इंदौर में किराये का कमरा दिलवाया। बाद में वह खुद भी वहीं रहने लगा और दोनों लिव-इन रिलेशन में रहने लगे।

विवाह के वादे पर बनाए शारीरिक संबंध
आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर पीड़िता के साथ करीब तीन महीने तक शारीरिक संबंध बनाए। 25 जून 2022 तक दोनों साथ रहे। इसके बाद आरोपी जबलपुर चला गया और संपर्क करने पर उसने विवाह से साफ इनकार कर दिया। उसने यह भी बताया कि उसकी सगाई पहले से तय है। पीड़िता द्वारा आरोपी के परिजनों से संपर्क करने पर भी विवाह से मना कर दिया गया, जिसके बाद उसे अपने साथ हुए धोखे का एहसास हुआ।

एफआईआर और न्यायालय का फैसला
पीड़िता ने आजाद नगर थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। 10 अप्रैल को सुनाए गए फैसले में अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। साथ ही यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में कठोर दंड ही समाज में सही संदेश दे सकता है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी एजीपी जयंत दुबे ने की।

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