डेली कॉलेज विवाद में आरोपियों को झटका: गिरफ्तारी की तलवार लटकी; अग्रिम जमानत की मांग खारिज, मायूस लौटे परिजन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रतिष्ठित डेली कॉलेज की साख को नुकसान पहुंचाने के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में कल अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया। जिला अदालत ने नामजद संदीप पारेख, रंजीतसिंह नामली और मानवीर बायस की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
कोर्ट के फैसले से आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। सुनवाई में उनके परिजन भी मौजूद थे। जैसे ही कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिकाओं को निरस्त करने का आदेश सुनाया, परिजनों के चेहरे पर मायूसी छा गई और वे चुपचाप लौट गए।
डेली कॉलेज प्रबंधन ने संदीप पारेख, अनुराग जैन, रंजीतसिंह नामली और मानवीर बायस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें आरोप है आरोपियों ने वॉइस ऑफ डीसी नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालित किया। इसके जरिए कॉलेज, उसके शिक्षकों और प्रबंधन के खिलाफ भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की, जिससे संस्था की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। प्रबंधन का कहना है यह प्रतिष्ठा धूमिल करने की साजिश है।
जांच में जुटी पुलिस
इस मामले को लेकर पहले भी सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया था सोशल मीडिया पर लगातार ऐसे पोस्ट और संदेश प्रसारित किए जा रहे थे, जिनका उद्देश्य संस्था की छवि को धक्का पहुंचाना था। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर डिजिटल साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया था। साइबर विशेषज्ञों की मदद से पता लगाने की कोशिश की जा रही है प्लेटफॉर्म को कौन संचालित कर रहा था और किन की भूमिका थी।
अदालत ने नहीं माना राहत का आधार
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से अग्रिम जमानत के लिए दलीलें दी गईं, लेकिन अदालत ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना। कोर्ट ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।कानूनी जानकारों के मुताबिक, अदालत का यह रुख संकेत देता है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ आवश्यक मानी जा रही है।
फिलहाल इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस कथित प्लेटफॉर्म से जुड़े और कौन-कौन लोग हैं तथा किस स्तर पर सामग्री तैयार और प्रसारित की जा रही थी।संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
डेली कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़ा होने के कारण यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। शिक्षा जगत से जुड़े लोग भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगी कि इस पूरे मामले में आखिर किसकी क्या भूमिका रही।
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