ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में अब सर्विस रोड भी की निरस्त: पितृ पर्वत से उज्जैन तक 48 किमी की बनेगी सड़क
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पितृ पर्वत से उज्जैन तक बनने वाले 48 किमी लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में अब सर्विस रोड नहीं बनेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कॉरिडोर के निर्माण से प्रभावित किसान सड़क की ऊंचाई को जमीन के बराबर रखने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने एक्सेस कंट्रोल्ड से अब इस सड़क को नान एक्सेस कंट्रोल्ड के रूप में बनाना तय किया है।
यह सड़क फोरलेन होगी और बिना सर्विस रोड की बनेगी। जमीन के बराबर सड़क बनाने से दोनों तरफ सात-सात मीटर की सर्विस रोड को हटा दिया गया है। जमीन के बराबर सड़क होने से ग्रामीण कहीं से भी सड़क पर आ-जा सकेंगे। वहीं किसानों की जमीन में पानी जमा होने की परेशानी भी नहीं होगी।
किसानों की दोनों मांगें मानीं- इस मामले में किसानों की दो मांगें थीं। पहली मुआवजा बाजार मूल्य के अनुसार मिले और सड़क जिन 28 गांवों से गुजरेगी इनको जमीन के बराबर बनाया जाए। सरकार ने किसानों की दोनों मांगों को स्वीकृति प्रदान करते हुए पहले ही मुआवजा बिक्री छांट के आधार पर दिया गया।
अब नान एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क बनाने का अनुमोदन कर दूसरी मांग भी पूरी कर दी है। सरकार द्वारा 48 किमी लंबी इस सड़क का हाईब्रिड एन्यूटी माडल के अंतर्गत निर्माण के लिए 30 सितंबर 2025 को 2935 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की थी।
वहीं निर्माण कार्य के लिए बुलाई गई निविदा के आधार पर मेसर्स सीगल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रालि से 1089 करोड़ रुपये में फरवरी में अनुबंध किया जा चुका है। सड़क के लिए 313.839 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है।
इसमें 21.326 हेक्टेयर शासकीय और 292.513 हैक्टेयर भूमि निजी है। भू-अर्जन के लिए बिक्री छांट से मुआवजा देने के कारण 583.93 करोड़ राशि की बढ़ोतरी की गई।
इंदौर में 662 करोड़ अवॉर्ड पारित
इंदौर जिले की दो तहसीलों सांवेर और हातोद के 20 गांवों से यह कॉरिडोर गुजर रहा है। भूमि अधिग्रहण के लिए जिले के 662 किसानों को 626 करोड़, 49 लाख 76 हजार 436 रुपये का मुआवजा वितरित किया जाना है। अवॉर्ड पारित होने के बाद मुआवजा वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
सांवेर तहसील में करीब 376 करोड़ रुपये और हातोद तहसील में करीब 250 करोड़ मुआवजा दिया जाएगा। ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूड़ी सरवर, जिंदाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबीखेड़ी, पिपलिया कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेड़िया, रंगकराड़िया, कछालिया, बलघारा, पोटलोद, टुमनी, मगरखेड़ी, चित्तौड़ा, बालरिया और रालामंडल सहित 20 गांवों की जमीनें शामिल की गई हैं।
सड़क 28 गांवों से गुजरेगी
यह सड़क 28 गांवों से गुजरेगी, इसमें इंदौर के 20 और उज्जैन के आठ गांव शामिल हैं। इंदौर के पितृ पर्वत से शुरू होने वाले इस ग्रीनफील्ड काॅरिडोर के प्रति किसानों का विरोध लगभग खत्म हो गया है।
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