स्कूल शिक्षा विभाग में इतने करोड़ का घोटाला: जानिये जांच में क्या खुलासा हुआ; किन अधिकारियों की भूमिका सामने आई
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्कूल शिक्षा विभाग में 2 करोड़ 47 लाख रुपए के बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि शासकीय राशि को फर्जी तरीके से निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर गबन किया गया। इस मामले में चपरासी, अतिथि शिक्षक और विभागीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस घोटाले में सबसे बड़ी राशि 1.74 करोड़ रुपए विभाग के भृत्य सिद्धार्थ जोशी के खातों में ट्रांसफर की गई। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी और पुत्र सहित कुल आठ बैंक खातों का उपयोग कर यह राशि प्राप्त की।
इसके अलावा अतिथि शिक्षक मोहन दांगी के आठ खातों में 8.41 लाख रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई, जिसे जांच शुरू होने के बाद उन्होंने वापस जमा कर दिया। अतिथि शिक्षक केदारनारायण दीक्षित के दो खातों में 16.66 लाख रुपए का भुगतान सामने आया है। भृत्य पवन खामोद के खाते में 32,800 रुपए और दिवंगत सहायक ग्रेड-2 छोटेलाल गौड़ के खाते में 1.16 लाख रुपए का फर्जी भुगतान दर्ज हुआ है। साथ ही 13 अन्य खातों में भी 45.21 लाख रुपए ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई है।
इस मामले की जांच कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ आईएएस सिद्धार्थ जैन की निगरानी में 10 सदस्यीय समिति द्वारा की गई। जांच वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक के वित्तीय लेनदेन पर आधारित है।
रिपोर्ट के आधार पर पांच लोगों को सीधे तौर पर आरोपी माना गया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही राशि स्वीकृत करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। आरोप है कि उनके लॉगिन पासवर्ड का उपयोग कर भुगतान को मंजूरी दी गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि वेतन, आवास भत्ता, किराया भत्ता और वाशिंग भत्ता जैसे मदों में भी अनियमितताएं की गईं और पात्रता के बिना भुगतान किया गया। इस पूरे प्रकरण में 26 अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे, जिनमें गणना कर्मचारी, बाबू और स्वीकृति देने वाले अधिकारी शामिल हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि सभी दोषियों से सरकारी राशि की वसूली की जाएगी और उनके खिलाफ एफआईआर के साथ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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