शनिवार और हनुमानजी की उपासना: श्रद्धा, सुरक्षा और संकटमोचन का विशेष संबंध
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
धार्मिक मान्यताओं में शनिवार का दिन जहां शनि देव को समर्पित माना जाता है, वहीं इस दिन हनुमानजी की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि हनुमानजी की कृपा से शनि के दुष्प्रभाव कम होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमानजी ने शनि देव को कष्टों से मुक्ति दिलाई थी, जिसके बाद शनि ने वचन दिया कि जो भी भक्त हनुमानजी की सच्चे मन से आराधना करेगा, उसे शनि की पीड़ा से राहत मिलेगी। इसी कारण शनिवार को हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का वाचन और सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। कई भक्त हनुमानजी को चोला चढ़ाते हैं और सिंदूर अर्पित करते हैं, जिसे शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
शनिवार को हनुमानजी की पूजा न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि इसे साहस, आत्मविश्वास और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा का भी माध्यम माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से व्रत, पूजा और दान-पुण्य के कार्य करते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह परंपरा लोगों को सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा भी देती है।
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