रुस्तम का बगीचा में मोबाइल टावर पर रार: रेडिएशन को लेकर रहवासियों में गहरा डर; कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विधानसभा क्षेत्र-5 स्थित रुस्तम का बगीचा नई बस्ती में मोबाइल टावर विवाद कलेक्टर कार्यालय की चौखट तक पहुंच गया है। रहवासियों ने बुधवार को भारी संख्या में कलेक्टोरेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपकर टावर का काम तुरंत रोकने की मांग की।
रहवासियों का आरोप है जितेंद्र भंडारी और विमला भंडारी मकान नंबर 144 और 145 पर अवैध रूप से टावर लगवा रहे हैं, जिससे इस सघन आबादी वाले क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है। प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है कि टावर लगाने के उद्देश्य से ही मकान नंबर 144 को बाद में खरीदा गया था।
घनी बस्ती और संकरी गलियों के बीच मोबाइल टावर की अनुमति मिलना पूरी तरह संदेहास्पद है। नियमों की अनदेखी की गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है भवन स्वामी अपने धनबल और रसूख के दम पर अवैध निर्माण को अंजाम दे रहे हैं और विरोध करने वाले स्थानीय लोगों को धमकियां दे रहे हैं।
रहवासियों को मोबाइल टावर लगने के बाद रेडिएशन को लेकर भारी डर है। उनका कहना है मासूम बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। चेताया जल्द अवैध निर्माण पर कानूनी हथौड़ा नहीं चला और उनका डर दूर नहीं किया गया तो आंदोलन उग्र रूप लेगा।
उच्चस्तरीय जांच की मांग... प्रदर्शन में मांग की गई टावर की अनुमति के साथ-साथ निर्माण की वैधता की भी उच्च स्तरीय जांच की जाए। इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है कि रिहायशी इलाके में नियमों को दरकिनार कर टावर खड़ा करने का साहस कैसे किया गया।
संबंधित समाचार

पानी संकट के बीच महापौर सचिवालय धुलने का वीडियो वायरल:कांग्रेस ने साधा निशाना; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पड़ोसी की धमकियों से तंग आकर सिलाई कारीगर ने खाया जहर:17 दिन पहले की गई मारपीट के बाद से तनाव में थे

बेटी को दी पढ़ाई के लिए मदद विजय की टीबी का इलाज होगा:कलेक्टर की जनसुवाई; समस्या संवेदनशीलता से सुनी और हल की

इस्लाम ने फर्जी साझेदारी दस्तावेजों से हड़पी ‘प्रशांत सागर’ की जमीन:वाघेला की धनपिपासा के शिकारों को न्याय की दरकार
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!