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रुबीना इकबाल का बयान: अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं; जरूरत पड़ी तो ओवैसी की पार्टी में शामिल हो जाएंगे

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 अप्रैल 2026, 11:38 am
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रुबीना इकबाल का बयान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम की बजट चर्चा के दौरान बुधवार को एक विवाद खड़ा हो गया, जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सभापति मुन्नालाल यादव के निर्देश पर जब ‘वंदे मातरम्’ गाने की बात कही गई, तो पार्षद फौजिया शेख अलीम ने सवाल उठाया कि ऐसा कौन-सा नियम या अधिनियम है, जिसमें इसे अनिवार्य बताया गया हो। उनके इस सवाल पर भाजपा पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया और हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ती देख सभापति ने हस्तक्षेप किया और फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए, ताकि कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके।

रुबीना इकबाल का बयान: “दबाव में कोई काम नहीं करेंगे”
घटना के बाद कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी भी चीज़ को जबरन करवाना गलत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “किसी को कहना कि यह खा लो और किसी को कहना कि इसे निगल लो दोनों में फर्क होता है। हमसे कहा जा रहा है कि यहां रहना है तो ‘वंदे मातरम्’ बोलना होगा, लेकिन हम किसी की दादागीरी नहीं मानते।”

“हम देशभक्त हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ नहीं जाएंगे”
रुबीना इकबाल ने स्पष्ट किया कि वे देश के खिलाफ नहीं हैं और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ तथा ‘सारे जहां से अच्छा’ जैसे गीत गाती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके धार्मिक विश्वास में ‘वंदे मातरम्’ गाना स्वीकार्य नहीं है।

अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं
उनका कहना था, “हमारे इस्लाम में ‘वंदे मातरम्’ बोलना मना है। कुरान के अनुसार अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं की जा सकती। ‘वंदे’ का अर्थ इबादत करना और ‘मातरम्’ का अर्थ मां होता है, इसलिए हम इसे नहीं गा सकते।”

भेदभाव के आरोप और सरकार पर सवाल
रुबीना इकबाल ने आगे आरोप लगाया कि मुसलमानों के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी दुकानों को तोड़ा जाता है और व्यापार में भी बाधाएं डाली जाती हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर इतना विरोध है तो फिर ईरान से तेल क्यों लिया जा रहा है? पूरी तरह से बहिष्कार करना है तो हर स्तर पर करना चाहिए।”

कांग्रेस से नाराजगी, पार्टी छोड़ने के संकेत
इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी के रुख से भी रुबीना इकबाल नाराज नजर आईं। उन्होंने कहा कि पार्टी सिर्फ वोट के समय साथ देती है और ऐसे मुद्दों पर किनारा कर लेती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर हमें पार्टी से निकाला जाता है तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हम निर्दलीय भी चुनाव जीतते हैं और जरूरत पड़ी तो AIMIM (ओवैसी की पार्टी) में शामिल हो जाएंगे।”

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