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वर्षों से सड़कें अधूरी: तमाम टैक्स वसूलने वाले निगम के पास पैसा नहीं; करोड़ों का फंड केवल स्वच्छता पर खर्च

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 फ़रवरी 2026, 5:40 pm
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वर्षों से सड़कें अधूरी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्मार्ट सिटी और नंबर वन स्वच्छता का तमगा हासिल करने वाला इंदौर शहर अब नगर निगम की लापरवाही और अधूरे विकास कार्यों की वजह से आम जनता की परेशानी का कारण बनता जा रहा है। सालों से अधूरी पड़ी सड़कों ने रहवासियों का जीना दूभर कर दिया है, लेकिन नगर निगम हर बार फंड की कमी का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचता नजर आ रहा है।

शहर में लगातार रोड टैक्स, वाटर टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स और कचरा संग्रहण शुल्क वसूलने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। निगम का पूरा फोकस केवल स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपए खर्चने में दिखाई दे रहा है, जबकि अधूरी और बदहाल सड़कों की कोई सुध नहीं ली जा रही।

रहवासियों का कहना है कि हम टैक्स इतनी सुविधाशून्य व्यवस्था के लिए नहीं देते। स्मार्ट सिटी के नाम पर प्रॉपर्टी के दाम तो आसमान छू गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह कि कई कॉलोनियों में आज भी सड़कें पूरी तरह नहीं बनी हैं। निगम द्वारा विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इन दावों की परतें खुलती जा रही हैं।

भागीरथपुरा क्षेत्र पहले ही जहरीले पानी और ड्रेनेज अव्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। यहां सामने आया ड्रेनेज घोटाला भी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर चुका है, जिसमें बिना ड्रेनेज लाइन डाले करोड़ों रुपए खर्च करना बता दिए गए। जांच हुई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसका खामियाजा आज भी आम नागरिक भुगत रहे हैं।

प्रॉपर्टी रेट के साथ बढ़े सड़कों के गड्ढे- इंदौर का निपानिया क्षेत्र, जो प्रॉपर्टी रेट के हिसाब से हाई-फाई माना जाता है, वहां भी हालात ठीक नहीं हैं। तुलसी नगर कॉलोनी वर्षों तक वैध-अवैध के विवाद में उलझी रही और रहवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकते रहे। कॉलोनी वैध होने के बाद भी सड़क निर्माण अधूरा है। कई जगह सड़कें आधी बनीं तो कहीं बनी ही नहीं। हालात ऐसे हैं कि वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है।

बदहाली के बीच स्वच्छता में सिरमौर का ढिंढोरा- स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम वर्षों से टैक्स तो नियमित वसूल रहा है, लेकिन सुविधा देने के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं। पार्षद और अफसर हमेशा निगम के पास बजट की कमी का रोना रोते हैं।

ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि जब जनता से हर साल करोड़ों रुपए टैक्स के रूप में वसूले जा रहे हैं, तो आखिर सड़क जैसी बुनियादी सुविधा मुहैया कराने के लिए फंड की कमी कैसे? स्वच्छता में सिरमौर यह शहर मूलभूत सुविधाओं में पिछड़ता जा रहा है।

बच्ची द्वारा बनाया बदहाली का वीडियो दबाव बनाकर हटवाया
कुछ समय पहले तुलसी नगर की एक बच्ची ने इलाके की सड़कों की बदहाली दिखाते हुए एक वीडियो बनाया था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में दोपहिया वाहन पर जा रही बच्ची मजाकिया अंदाज में कहती नजर आ रही थी- ‘हैलो गाइस, हम चांद पर पहुंच गए हैं… देख सकते हैं चांद पर कितने गड्ढे हैं।

’बताया जाता है वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पार्षद संगीता महेश जोशी के प्रतिनिधि द्वारा रहवासियों से चर्चा कर उक्त वीडियो सोशल मीडिया से हटवा दिया गया। वर्तमान में निगम द्वारा कुछ जगहों पर सड़क निर्माण कार्य शुरू कर खानापूर्ति की जा रही है, लेकिन रहवासियों का आरोप है कि यह काम सिर्फ दिखावा है। मुख्य मार्गों पर जगह-जगह पैचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर दी गई है।



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