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13 साल की मासूम की रिपोर्ट रोकी दबाव से जबरन करवाया राजीनामा: थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

17 अप्रैल 2026, 6:00 pm
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13 साल की मासूम की रिपोर्ट रोकी दबाव से जबरन करवाया राजीनामा

पुलिस ने नियमों को ताक पर रखा, दुष्कर्म जैसे मामले में 20 घंटे बाद भी नहीं हुआ बच्ची का मेडिकल

खुलासा फर्स्ट, खरगोन।
खरगोन जिले के चैनपुर थाने में न्याय का गला घोंटने वाली एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ ग्राम जोक की रहने वाली 13 वर्षीय मासूम बालिका के साथ योगेंद्र चौहान नामक युवक ने बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया, लेकिन पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने के बजाय उसे संरक्षण देकर मामला ही खत्म करा दिया।

बुधवार सुबह 11 बजे जब पीड़िता अपने पिता रवि शंकर चौहान के साथ थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, तो टीआई गेहलोद सेमलिया और उनके स्टाफ ने रात 12 बजे तक उन्हें थाने में ही रोके रखा।

इस दौरान पुलिस ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के बजाय उन पर पैसे लेकर राजीनामा करने का दबाव बनाया और अंतत जबरन राजीनामा करवा कर मामले को रफा-दफा कर दिया।

पुलिस की यह कार्यप्रणाली सीधे तौर पर नियमों और कर्तव्यों की अनदेखी है। इस जघन्य अपराध के बाद भी पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण तक कराना जरूरी नहीं समझा। पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष के साथ किए गए दुर्व्यवहार और जबरन समझौते की यह पूरी कहानी थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।

पुलिसिया संरक्षण के कारण आरोपी पक्ष के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित परिवार इस कदर डरा हुआ है कि उन्हें वीडियो वायरल कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ी। रक्षक की वर्दी पहनकर अपराधियों के लिए काम करने वाले ऐसे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जनता में आक्रोश है।

मामले में लेट-लतीफी करने और जबरन राजीनामा करवाने वाले टीआई और संबंधित स्टाफ की भूमिका ने पूरी खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिससे अब पूरे महकमे की साख पर सवाल उठ रहे हैं।

दुष्कर्म नहीं, विवाद का मामला
"आपसी परिवार का मामला है दोनों पक्ष में समझौता हो गया है। दुष्कर्म संबंधित मामला नहीं था आपसी विवाद था। बुधवार को थाने पर आए थे समझौता हो गया।" गेहलोद सेमलिया थाना प्रभारी चैनपुर, जिला खरगोन

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