पत्नी से मिला तलाक: दो करोड़ रुपए चुकाने का दिया आदेश; नारायण सांई को फैमिली कोर्ट का बड़ा झटका
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम के बेटे और दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नारायण सांई को फैमिली कोर्ट से कानूनी झटका लगा है। कोर्ट ने उसकी पत्नी जानकी हरपालानी की तलाक याचिका मंजूर करते हुए दोनों के वैवाहिक संबंधों को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया है। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया है कि वह तीन महीने के भीतर जानकी हरपालानी को दो करोड़ रुपये एकमुश्त स्थायी गुजारा भत्ते के रूप में अदा करे।
जानकी हरपालानी ने वर्ष 2018 में इंदौर फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने पति नारायण साईं पर मानसिक प्रताड़ना, उपेक्षा और वैवाहिक दायित्वों के निर्वहन में विफल रहने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने अदालत से पांच करोड़ रुपये एकमुश्त स्थायी गुजारा भत्ता दिलाने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान नारायण साईं ने पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया, लेकिन अदालत ने जानकी की ओर से पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों को महत्व दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि वैवाहिक संबंध अब व्यावहारिक और कानूनी दोनों रूपों में टूट चुके हैं, इसलिए इस रिश्ते को जारी रखना न्यायोचित नहीं होगा।
पहले भी मिला था अंतरिम गुजारा भत्ता... इस मामले का एक अहम पहलू यह भी रहा कि फैमिली कोर्ट ने इससे पहले वर्ष 2018 में ही अंतरिम राहत देते हुए नारायण साईं को पत्नी को हर महीने 50 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। लेकिन जानकी की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि पिछले करीब 8 वर्षों में यह राशि नियमित रूप से अदा नहीं की गई।
पत्नी पक्ष के वकीलों ने अदालत के सामने यह भी रखा कि कोर्ट के पूर्व आदेशों की अवहेलना करते हुए नारायण साईं ने न तो वैवाहिक जिम्मेदारियां निभाईं और न ही आर्थिक दायित्व पूरे किए। ऐसे में अदालत का दो करोड़ रुपये स्थायी गुजारा भत्ता तय करना इस लंबे विवाद में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में बकाया राशि 50 लाख रुपये से अधिक बताई गई है, जिसे लेकर अलग वसूली प्रक्रिया भी चर्चा में है।
जेल में बंद, दुष्कर्म मामले में काट रहा उम्रकैद
नारायण साईं फिलहाल सूरत जिले की जेल में बंद है, जहां वह दुष्कर्म मामले में सुनाई गई उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसी वजह से फैमिली कोर्ट में उसकी पेशी भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई थी।
सुनवाई के दौरान उसका बयान दर्ज किया गया था और पत्नी पक्ष की ओर से जिरह भी हुई थी।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!