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नई आबकारी नीति पर सवाल: ठेके आवंटन के बाद भी व्यवस्था अधूरी; सप्लाई और रेट को लेकर असमंजस

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 अप्रैल 2026, 6:09 pm
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नई आबकारी नीति पर सवाल

नई आबकारी नीति पर सवाल

ठेके आवंटन के बाद भी व्यवस्था अधूरी; सप्लाई और रेट को लेकर असमंजस

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में अप्रैल से लागू हुई नई आबकारी नीति को लेकर कई तरह की प्रशासनिक चुनौतियां सामने आ रही हैं। ठेकों के आवंटन और नीति लागू होने के बावजूद जमीनी स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाई हैं।

जरूरी बुनियादी व्यवस्थाएं नहीं
दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार शहर में शराब दुकानों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी व्यवस्थाएं जैसे डिपो में मांग अनुसार शराब उपलब्धता, पर्याप्त स्टॉक, और वितरण प्रणाली अभी भी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हैं। कई स्थानों पर पुराने ठेकेदारों के पास भी माल नहीं होने के बावजूद नई व्यवस्था के तहत उसकी सप्लाई को लेकर स्पष्टता नहीं है।

नई दरों को लेकर असमंजस
सूत्रों का कहना है कि नई दरों (रेट) को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आरोप है कि ऊपर से दरों की औपचारिक मंजूरी (रेट अप्रूवल) स्पष्ट रूप से नहीं आई है, जिसके चलते दुकानों पर बिक्री की स्थिति प्रभावित हो रही है।

2100 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य
इंदौर जिले में आबकारी विभाग ने लगभग 2100 करोड़ रुपए के राजस्व लक्ष्य का निर्धारण किया है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यदि सप्लाई, रेट और वितरण प्रणाली समय पर सुचारू नहीं होती, तो राजस्व लक्ष्य प्रभावित हो सकता है।

आधिकारिक बयान नहीं
मामले में आबकारी विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों के अनुसार स्पष्टता के लिए विभागीय प्रतिक्रिया और आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

राजस्व चुकाने में असुविधा का सामना
वर्तमान में लाइसेंसियों द्वारा महंगे ठेके लेने के पश्चात मदिरा का प्रदाय समय पर नहीं मिलने से राजस्व चुकाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है एवं अप्रत्यक्ष नुकसान हो रहा है

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