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वसंत पंचमी पर दोपहर 12 बजे तक पूजा, फिर होगी नमाज: इस महत्वपूर्ण धर्मस्थल पर आया सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 जनवरी 2026, 7:11 पूर्वाह्न
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वसंत पंचमी पर दोपहर 12 बजे तक पूजा, फिर होगी नमाज

खुलासा फर्स्ट, धार/दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार की भोजशाला हिंदू पक्ष से 12 बजे तक पूजा करने के लिए कहा है।

शाम चार बजे से फिर पूजा
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार 12 बजे के बाद मुस्लिम पक्ष के लोग नमाज पढ़ेंगे। हिंदू पक्ष शाम 4 बजे से फिर पूजा कर सकेगा।

हिंदू पक्ष ने दायर की थी याचिका
हिंदू पक्ष ने 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति के लिए 20 जनवरी को याचिका दायर की थी।इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आज (22 जनवरी) को फैसला सुनाया है।

इस पीठ ने की सुनवाई
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने की।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि बीते कुछ वर्षों से बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है।

हिंदू पक्ष ने यह दलील दी थी
हिंदू पक्ष के वकील ने दलील दी कि कल बसंत पंचमी है और सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा, हवन और पारंपरिक अनुष्ठान होंगे।

वकील ने अदालत को आश्वस्त किया
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वकील ने अदालत को आश्वस्त किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी व्यवस्था की जाएगी, जैसा कि पूर्व वर्षों में किया जाता रहा है।

मस्जिद पक्ष नमाज के बाद परिसर खाली कर देगा
मस्जिद पक्ष के वकील ने कहा कि दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा की जाएगी और उसके बाद परिसर खाली कर दिया जाएगा।

नमाज के लिए विशेष क्षेत्र
सुप्रीम कोर्ट ने एक संतुलित समाधान अपनाते हुए कहा कि दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज के लिए परिसर के भीतर ही एक अलग और विशेष क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा।

धार्मिक अनुष्ठान भी अलग जगह पर
इसी तरह हिंदू समुदाय को भी बसंत पंचमी के अवसर पर पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए परिसर में अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।

सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

यह भी निर्देश दिए
प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को निर्देश दिए गए हैं कि दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजनों में किसी तरह की बाधा न आए और शांति बनी रहे।



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