पत्नी के गंभीर आरोप पर पुजारी का पलटवार: बोले- वह खुद चाहती थी तलाक; मेेरे खिलाफ साजिश, मामला पुलिस और कोर्ट के पाले में
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
खजराना गणेश मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार का घरेलू विवाद अब सार्वजनिक हो गया है। पुजारी पुनीत भट्ट की पत्नी इंदिरा भट्ट (शर्मा) ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पति ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है। मामला फिलहाल पुलिस और न्यायालय के दायरे में पहुंच चुका है।
पीड़िता का पक्ष: जल्दबाजी में हुई शादी, बाद में बदले हालात
इंदिरा के अनुसार, उनका विवाह सामान्य प्रक्रिया के बजाय जल्दबाजी में तय किया गया। पहली मुलाकात से लेकर शादी तक का पूरा घटनाक्रम महज 17 दिनों में पूरा हुआ। उनका कहना है कि शुरुआत में उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनकी हर जरूरत का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही परिस्थितियां बदलने लगीं।
संतान की चाह में किया विवाह
इंदिरा का आरोप है कि पति ने संतान की चाह में उनसे विवाह किया था, लेकिन परिवार में पहले से दत्तक पुत्र की पत्नी के गर्भवती होने के बाद उनका महत्व कम हो गया। इसके बाद उन्हें साजिश के तहत घर से बाहर करने की कोशिश शुरू हुई।
घर छोड़कर गायब हुआ परिवार, ताले में बंद मिला मकान
इंदिरा ने आरोप लगाया कि एक दिन अचानक ससुराल पक्ष बिना सूचना दिए घर छोड़कर चला गया। जब वह पुलिस कार्रवाई के बाद वापस लौटीं, तो घर पर ताला लगा मिला। उन्होंने जेवर और नकदी हड़पने के भी आरोप लगाए हैं।
बीच सड़क पर रोककर तलाक का दबाव
इंदिरा का दावा है कि दिसंबर में उनके पति ने बीच सड़क पर उनकी कार रोककर उनसे माफी मांगी और आपसी सहमति से तलाक लेने का दबाव बनाया।
पति का पक्ष: आरोप निराधार, छवि खराब करने की कोशिश
दूसरी ओर, खजराना मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट ने सभी आरोपों को तथ्यहीन और निराधार बताते हुए कहा कि यह उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश है। उनका कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वे वहीं अपने पक्ष में सबूत पेश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी की ओर से ही पहले तलाक की बात उठाई गई थी और वह बिना किसी ठोस कारण के घर छोड़कर चली गई थीं।
पहली पत्नी के निधन के लंबे समय बाद की शादी
पुनीत ने बताया कि उनकी पहली पत्नी का निधन 2020 में हो गया था। वे पिछले पांच सालों से अकेले थे । इसलिये दूसरी शादी इसलिए नहीं कर रहे थे, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे पारिवारिक संतुलन बिगड़ सकता है। यह रिश्ता देवास निवासी एक रिश्तेदार अशोक नागर के जरिये आया था। दोनों पहली बार 1 मई 2025 को मिले और 17 मई को शादी हुई। पुनीत ने यह भी खुलासा किया कि इंदिरा की भी यह दूसरी शादी है। उनकी पहली शादी 2009 में हुई थी और 2014 में तलाक हो गया था। उनके पहले पति से वैचारिक मतभेद थे।
पुनीत ने यह बात भी कही
पुनीत का आरोप है कि शादी के एक-दो महीने बाद से ही उनके साथ "मनोवैज्ञानिक खेल" खेला जाने लगा था। उनके अनुसार- कुछ बातें साथ रहने पर ही समझ आती हैं, सिर्फ कुछ मुलाकातों या बातचीत से किसी व्यक्ति के स्वभाव को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता।
दबाव के आरोप भी झूठे
पुनीत ने तलाक के दबाव वाले आरोप को भी झूठा बताते हुए दावा किया, पहले पत्नी की ओर से ही म्यूचुअल डिवोर्स की बात आई थी। उन्होंने खुद कहा था कि आप तलाक के पेपर तैयार करवा लीजिए, मैं उन पर हस्ताक्षर कर दूंगी। 13 सितंबर को उनकी पत्नी बिना किसी ठोस वजह के नाराज होकर घर छोड़कर चली गईं।
पुलिस बोली- शिकायत मिली है जांच कर रहे
इस मामले पर एसीपी खजराना, कुंदन मंडलोई ने बताया, "जनसुनवाई में एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें आवेदिका (इंदिरा भट्ट) ने शिकायत की है कि उनके पति पुनीत भट्ट द्वारा उनसे दहेज के रूप में एक फॉर्च्यूनर कार और करीब एक करोड़ रुपये की मांग की जा रही है। उनका आरोप है कि यह मांग पूरी न करने पर उन्हें साथ नहीं रखा जा रहा है।
मुख्य रूप से पुनीत के खिलाफ शिकायत
यह शिकायत मुख्य रूप से पुनीत भट्ट जी के खिलाफ है, जो मंदिर में पूजा-पाठ का कार्य करते हैं।" एसीपी ने यह भी पुष्टि की कि इससे पहले इसी महिला के खिलाफ खजराना थाने में मारपीट का आरोप लगाते हुए एक एफआईआर दर्ज की गई थी, जो उनके पति के दत्तक पुत्र-वधू द्वारा दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के मुताबिक, जनसुनवाई में मिली शिकायत में दहेज के रूप में महंगी कार और बड़ी रकम की मांग का आरोप लगाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। साथ ही, पहले से दर्ज एक अन्य एफआईआर का भी उल्लेख सामने आया है, जो परिवार के भीतर विवाद को और जटिल बनाता है।
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