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लिफ्ट बंद होने से दर्द में सीढ़ियां चढ़ रहीं गर्भवती: पीसी सेठी अस्पताल में दावों की निकली हवा

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 जनवरी 2026, 10:17 पूर्वाह्न
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लिफ्ट बंद होने से दर्द में सीढ़ियां चढ़ रहीं गर्भवती

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के तमाम दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। महिलाओं के लिए विशेष रूप से संचालित पीसी सेठी अस्पताल इस समय बदहाली का केंद्र बन चुका है, जहां सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। अस्पताल की अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि जो महिलाएं सरकारी मदद की आस में यहां आती हैं, वे अब मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रही हैं।

अस्पताल में लगी लिफ्ट गर्भवती महिलाओं के लिए जी का जंजाल साबित हो रही है। परिसर की एक लिफ्ट लंबे समय से स्थायी रूप से बंद पड़ी है, जबकि दूसरी लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण आए दिन जवाब दे जाती है।

ऐसी स्थिति में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं को भारी जोखिम के बीच सीढ़ियों का सहारा लेकर ऊपरी मंजिलों तक पहुंचना पड़ रहा है। ओपीडी में लंबी कतारें और घंटों का इंतजार मरीजों की पीड़ा को और अधिक बढ़ा रहा है।

सुरक्षा मानकों को ताक पर रखा
प्रबंधन की लापरवाही यहीं खत्म नहीं होती। अस्पताल के पिछले हिस्से में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया गया है। तोड़ी गई दीवार को मात्र एक अस्थाई प्लास्टिक शीट से ढंका गया है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

वहीं, एमटीएच अस्पताल ने भी कलेक्टर से शिकायत की है कि पीसी सेठी अस्पताल प्रबंधन गंभीर मरीजों का प्राथमिक उपचार करने के बजाय उन्हें सीधे रैफर कर देता है। संवेदनहीनता की हद तो तब पार हो गई जब दुष्कर्म पीड़ित नाबालिगों को मेडिकल परीक्षण के लिए दो-दो दिनों तक भटकना पड़ा।

जांच सुविधाओं के नाम पर केवल ढांचे खड़े किए
अस्पताल में जांच सुविधाओं के नाम पर केवल ढांचे खड़े किए गए हैं। हाल ही में ब्लड सैंपल और पैथोलॉजी जांच के लिए नए काउंटर बनाए गए, लेकिन रविवार को निरीक्षण के दौरान ये काउंटर खाली मिले। मरीज के परिजन का आरोप है कि यहां कर्मचारी अक्सर नदारद रहते हैं, जिसके चलते उन्हें बाहर की निजी लैब में मोटी रकम देकर जांच करवानी पड़ती है।

आश्चर्य की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग जो निजी अस्पतालों पर फायर एनओसी के लिए कड़ी कार्रवाई करता है, उसका अपना यह अस्पताल बिना एनओसी के संचालित हो रहा है। यहां रोजाना सैकड़ों गर्भवती महिलाएं आती हैं, जिनकी जान दांव पर लगी है।

लिफ्ट चालू स्थिति में है...
अस्पताल में निर्माण कार्य के चलते सुरक्षा इंतजामों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। लिफ्ट चालू स्थिति में है, फिर भी यदि कोई तकनीकी समस्या आई है और वह बंद है, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे दिखवाता हूं। - डॉ. वीरेंद्र राजगीर, प्रभारी, पीसी सेठी अस्पताल

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