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पावर प्लांट हादसा: बॉयलर ब्लास्ट से अब तक 16 मजदूरों की मौत; 36 झुलसे, मुआवजे का ऐलान

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 अप्रैल 2026, 11:58 am
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पावर प्लांट हादसा

खुलासा फर्स्ट, सक्ती।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर विस्फोट से अब तक 16 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।

अलग-अलग अस्पतालों में हुई मौतें
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। 5 की रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में मौत हुई। 5 ने जिला अस्पताल रायगढ़ में दम तोड़ दिया। वहीं 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई।

मृतकों की पहचान
अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50) और यूपी निवासी बृजेश कुमार शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल 36 में से 18 मजदूरों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कई मजदूर 15% से लेकर 95-100% तक झुलसे हैं, जिससे उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में भर्ती घायलों में मनीष गिरी, कार्तिक महतो, बृजेश कुमार, केशव चंद्रा, भुवनेश्वर चंद्रा, अभिषेक चंद्रा, नदीम अंसारी, मिलन वारे, संदीप और शिवनाथ मुर्मू शामिल हैं। वहीं बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल रायगढ़ में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है।

परिजनों का हंगामा, कई मजदूर लापता
हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा किया और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि कुछ मजदूर अब भी लापता हैं और उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही।

जांच के आदेश
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।

मुआवजे का ऐलान
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।

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