राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन: बेखौफ बरसे पत्थर; तमाशबीन पुलिस और आला अफसरों की मौजूदगी में
KHULASA FIRST
संवाददाता

छिपे सियासी एजेंडे की भेंट चढ़ी शहर की शांति कई कार्यकर्ता और मीडियाकर्मी लहूलुहान...
गांधी भवन पर विपक्ष की भूमिका निभाने पहुंची भाजपा और कांग्रेस में खूनी संग्राम
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर शनिवार को उस वक्त रक्तरंजित हो उठा, जब सत्ता में काबिज भाजपा की युवा इकाई किसी उग्र विपक्ष की भांति कांग्रेस के मुख्यालय गांधी भवन का घेराव करने निकल पड़ी। दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवक कांग्रेस के अर्द्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में यह हल्लाबोल देखते ही देखते भीषण खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
हैरान करने वाली बात यह रही अति-संवेदनशील इलाके में भारी पुलिस बल, ऊंचे लोहे के बैरिकेड्स और खुद पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद दोनों ओर से करीब आधे घंटे पत्थरों की बारिश होती रही। पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली और लचर घेराबंदी के कारण शहर के मध्य क्षेत्र ने वह मंजर देखा जो अमूमन दंगों के दौरान नजर आता है। इस हिंसक टकराव में भाजपा की एक महिला नेत्री गंभीर रूप से लहूलुहान हो गईं, जबकि कवरेज कर रहे दो मीडियाकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।
इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा इंतजामों और मैदानी पुलिसिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब भाजपा ने पहले ही घेराव का ऐलान कर दिया था और कांग्रेस ने भी जवाबी घेरेबंदी की तैयारी कर ली थी, तो पुलिस ने दोनों गुटों को इतने करीब आने की अनुमति कैसे दी? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मच्छी बाजार चौराहे पर तैनात पुलिस बल मूकदर्शक रहा और प्रदर्शनकारी आसानी से बैरिकेड्स लांघकर एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए।
पत्थरबाजी के दौरान भी पुलिस एक्शन लेने के बजाय तमाशबीन बनी रही, इस कारण हिंसा बढ़ती गई। जब हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए और कई लोग लहूलुहान हो गए, तब कहीं जाकर पुलिस की नींद टूटी और वॉटर कैनन व हल्का बल का प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा गया।
भाजपा नेत्री इंदु चौहान के चेहरे पर पत्थर लगने से गहरा घाव हुआ, जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, वहीं मीडियाकर्मी शकील सिकंदर और लाला भी इस ढिलाई का शिकार होकर चोटिल हुए।
आरोप-प्रत्यारोप
भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने इसे कांग्रेस की सुनियोजित साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कांग्रेस ने गुंडों के माध्यम से पत्थरों से हमला करवाया। आक्रोशित भाजपा नेताओं ने पंढरीनाथ थाने में कांग्रेसियों के खिलाफ एफआईआर कराई है। दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे भाजपा का प्रायोजित ड्रामा बताते हुए पुलिस पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस का कहना है सत्ता के दबाव में पुलिस ने उन्हें खुला रास्ता दिया ताकि वे गांधी भवन तक पहुंच सकें। कांग्रेस का दावा है भागीरथपुरा कांड और जनहित के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह पूरी पटकथा लिखी गई। फिलहाल, पुलिस की विफलता और राजनीतिक रसूख के बीच शहर में तनावपूर्ण शांति है। आला अफसर अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कर रहे हैं, लेकिन सवाल वही है जब पत्थर चल रहे थे, तब जिम्मेदार लाचार क्यों थे?
घूंसे से स्वागत की घोषणा करने वाले वानखेड़े का फूटा सिर
शहर कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के बाहर शनिवार को हुई पत्थरबाजी में कई घायल अब तक समाने आ चुके हैं। इसी बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने करीब 1 बजे यानी घटना से एक घंटे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने घूंसे का निशान लगाते हुए लिखा था- गांधी भवन तैयार है स्वागत के लिए... मतलब आप समझ जाओ.... हुआ उल्टा। जिलाध्यक्ष ही कुछ देर बाद सिर फुडवाकर अस्पताल पहुंच गए।
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