हत्या के आरोपी पिता-पुत्र को लेकर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस: आक्रोशित रहवासी बोले- जूते मारो; कोर्ट ले गए पुलिसकर्मी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूडिया क्षेत्र स्थित शिव वाटिका में आईटी इंजीनियर शंपा पाठक की मौत के मामले में रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब पुलिस आरोपी पिता-पुत्र को घटना स्थल पर लेकर पहुंची। आरोपियों को देखते ही रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और मौके पर हंगामे जैसे हालात बन गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस टीम को दोनों को तुरंत वहां से हटाकर वापस कोर्ट ले जाना पड़ा।
तेज रफ्तार कार से कुचलकर महिला की हत्या
दरअसल, बुधवार रात तेज रफ्तार कार से कुचलकर शंपा पाठक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया था। रविवार को रिमांड अवधि पूरी होने से पहले पुलिस टीम उन्हें शिनाख्त और घटनास्थल की पुष्टि के लिए शिव वाटिका बिल्डिंग लेकर पहुंची।
शिनाख्त के दौरान जुटी भीड़, बढ़ा आक्रोश
लसूडिया थाना प्रभारी टीआई तारेश सोनी के नेतृत्व में पुलिस आरोपी मोहनीश उर्फ मोहित चौधरी और उसके पिता कुलदीप को बिल्डिंग परिसर में लेकर पहुंची। यहां कार पार्किंग और घटनास्थल से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की गई। इस दौरान जैसे ही रहवासियों को आरोपियों के आने की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
लोगों का गुस्सा भड़क उठा
आरोपियों को सामने देखकर लोगों का गुस्सा भड़क उठा। कई लोग नारेबाजी करने लगे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। माहौल इतना गरम हो गया कि कुछ लोगों ने “जूते मारो” जैसे नारे तक लगा दिए।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हटाया
भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए आरोपियों को वहां से हटाना शुरू किया। बिल्डिंग के गेट के बाहर भी कुछ देर के लिए उन्हें रोका गया, लेकिन वहां भी लोगों की नाराजगी जारी रही। किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए दोनों आरोपियों को वाहन में बैठाकर वहां से रवाना कर दिया।
सीधे लेकर पहुंची कोर्ट
इसके बाद पुलिस उन्हें सीधे कोर्ट लेकर पहुंची, जहां उनकी पेशी कराई जानी थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों का रिमांड रविवार को समाप्त हो रहा था, इसलिए नियमानुसार उन्हें अदालत में पेश किया गया।
जांच लगभग पूरी, बयान बाकी
पुलिस का कहना है कि इस मामले में मुख्य जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। हालांकि, बिल्डिंग के कुछ रहवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अभी दर्ज किए जाना बाकी हैं, जिनके आधार पर केस को और मजबूत किया जाएगा।
नगर निगम की कार्रवाई भी शुरू
इस बीच नगर निगम ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के पेंटहाउस पर नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में 7 दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो नगर निगम द्वारा निर्माण पर कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ की जा सकती है।
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