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पुलिस की सुविधा बना मौत का कट: सड़क के बीच ब्लैक स्पॉट; हर पल हादसे का खतरा

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 अप्रैल 2026, 6:19 pm
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पुलिस की सुविधा बना मौत का कट

यातायात थाना और जोन-4 दफ्तर के सामने डिवाइडर तोड़कर बनाया अवैध रास्ता, सिस्टम खुद ही उड़ा रहा नियमों की धज्जियां

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में जहां पुलिस को यातायात व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी दी गई है, वही पुलिस अपनी सुविधा के लिए सड़कों को मौत के जाल में बदल रही है। महूनाका चौराहा और गंगवाल बस स्टैंड के बीच सड़क पर बनाया गया अवैध डिवाइडर कट अब ब्लैक स्पॉट बन चुका है, जहां हर दिन हादसे का खतरा मंडरा रहा है।

महूनाका चौराहा और गंगवाल बस स्टैंड के बीच स्थित यातायात थाना पश्चिम और पुलिस जोन-4 कार्यालय के ठीक सामने सड़क के बीच बने डिवाइडर को खत्म कर दिया गया। इसके बीच में पहले पेड़ लगे हुए थे और विशेषज्ञों की सलाह पर लाखों रुपए खर्च कर यह डिवाइडर बनाया गया था, ताकि यातायात सुरक्षित रहे, लेकिन अब पुलिस अधिकारियों की सुविधा के लिए इस डिवाइडर में अवैध कट लगाकर एक अतिरिक्त रास्ता बना दिया गया।

हैरानी की बात यह कि यह कट अब सिर्फ पुलिस ही नहीं, आम लोग भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। बुधवार को प्लाईवुड से भरा एक लोडिंग वाहन एमओजी लाइन की ओर से रांग साइड आते हुए इस कट से महूनाका की ओर मुड़ने की कोशिश में बीच सड़क पर ही फंस गया। ड्राइवर और हेल्पर ने काफी मशक्कत की, लेकिन वाहन नहीं निकला। आखिरकार एक आयशर गाड़ी से खींचकर उसे निकाला गया। इस दौरान करीब आधा घंटे तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

पहले से मौजूद सुरक्षित विकल्प... खास बात यह कि कुछ ही दूरी पर सराफा विद्या निकेतन के सामने से वाहनों के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध है। इसके बावजूद इस खतरनाक कट को बनाने का औचित्य समझ से परे है।

निगम ने बिना सोचे-समझे तोड़ दिया... सूत्रों के अनुसार पुलिस विभाग के दबाव में नगर निगम ने बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के जेसीबी, ट्रैक्टर और मजदूरों की मदद से डिवाइडर को तोड़कर मलबे में बदल दिया। इसका खुलासा खुलासा फर्स्ट द्वारा पहले किया जा चुका है।

एक ओर कलेक्टर लगातार शहर को जाममुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए बैठकें लेते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के अफसर-कर्मचारी ही केवल अपनी सुविधा के लिए इस तरह मनमानी कर रहे हैं। देखना है मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

वीआईपी मूवमेंट के बीच जोखिम... यह सड़क सिर्फ आम ट्रैफिक के लिए ही नहीं, बल्कि वीआईपी मूवमेंट के लिए भी अहम मानी जाती है। ऐसे में पुलिस उपायुक्त जोन-4 और यातायात नियंत्रण कक्ष के सामने ही इस तरह सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग गंभीर सवाल खड़े करता है।

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