चौकी में युवक की मौत के बाद पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप: मां से कहा था- बहुत मारा, अंगूठा तोड़ दिया; दो पुलिसकर्मियों को हटाया
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा पुलिस चौकी में युवक श्रीराम झा की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाहन चोरी के संदेह में हिरासत में लाए गए श्रीराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने चौकी प्रभारी संजय धुर्वे और सिपाही योगेंद्र कोरव को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है और दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मारपीट और प्रताड़ना
परिजनों का आरोप है कि चौकी में दो दिनों तक श्रीराम के साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। मृतक ने खुद अपनी मां को बताया था कि उसे बुरी तरह पीटा गया और उसका अंगूठा तक तोड़ दिया गया है। परिवार का कहना है कि इसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से आहत होकर उसने चौकी में एसिड पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मी
रविवार को सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मी श्रीराम को घर लेकर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आधार कार्ड मांगा और बातचीत की। तभी श्रीराम ने परिजनों को अपनी आपबीती बताई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने सोमवार को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने या जेल भेजने की बात कही थी, जिसके बाद उसे दोबारा अपने साथ ले जाया गया।
पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया गया। परिवार में उसकी मां, पत्नी, दो भाई और एक छोटा बच्चा है। घटना के बाद कलेक्टर और अन्य अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
क्या युवक ने खुद एसिड पी लिया
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने मारपीट के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि युवक ने खुद एसिड पी लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मामले को शांत करने की पहल
सूत्रों के अनुसार, मामले को शांत करने के लिए परिवार को आर्थिक मदद, बच्चे की पढ़ाई और पत्नी को नौकरी देने का प्रस्ताव भी दिया गया है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी कार्यप्रणाली को लेकर कार्रवाई
मामले में जुड़े पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड भी विवादों से घिरा रहा है। चौकी प्रभारी संजय धुर्वे पर पहले भी कार्यप्रणाली को लेकर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि सिपाही योगेंद्र कोरव की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!