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पिंटू छाबड़ा ने फर्जी एनओसी से खड़ा किया सी-21 बिजनेस पार्क: आईडीए विधि विभाग का क्लर्क श्रीवास्तव लापता

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 4:51 pm
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पिंटू छाबड़ा ने फर्जी एनओसी से खड़ा किया सी-21 बिजनेस पार्क

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जमीनों का सबसे बड़ा सौदागर आईडीए फर्जी एनओसी का भी गढ़ है। यहां के कर्मचारी और बाहरी लोग मिलकर आईडीए को चूना लगा रहे हैं। सी-21 बिजनेस पार्क (रेडिसन होटल के सामने) के मामले में कुख्यात भूमाफिया पिंटू छाबड़ा ने फर्जी एनओसी लेकर भारी-भरकम बिजनेस पार्क खड़ा कर लिया। ऐसे मामले टीएनसीपी ने पकड़कर आईडीए अधिकारियों को दिए हैं।

जांच में सामने आया आईडीए के विधि विभाग का क्लर्क शुभम श्रीवास्तव अधिकारियों के फर्जी साइन कर एनओसी जारी करता था और उसे टीएनसीपी में नक्शा मंजूरी के लिए भेजता था। ये काम कई वर्षों से कर रहा था।

पिंटू छाबड़ा का मामला योजना 97 पार्ट 4 बिजलपुर की करीब 20 हजार स्क्वेयर फीट जमीन का है। जमीन आईडीए की योजना में है। टीएनसीपी कार्यालय में ले-आउट स्वीकृति के लिए आवेदन पहुंचा तो शक हुआ।

जांच में पता चला एनओसी आईडीए से जारी नहीं हुई जबकि उस पर प्लानिंग और भू-अर्जन दोनों विभागों के अधिकारियों के सील-साइन हैं। उन्होंने आईडीए के अधिकारियों से संपर्क किया तो जवाब मिला ऐसी कोई एनओसी जारी नहीं की गई।

संयुक्त संचालक टीएनसीपी शुभाशीष बैनर्जी के अनुसार एनओसी में बताया गया था जमीन आईडीए की स्कीम में नहीं है जबकि थी। अधिकारियों ने एनओसी जारी होने से इंकार किया। इसे फिलहाल निरस्त कर दिया गया है। जमीन की फाइल कुछ दिन बाद फिर आई तो एनओसी की फोटोकॉपी भेजकर आईडीए से वास्तविकता जानी।

तब भी यही जवाब मिला एनओसी आईडीए ने जारी नहीं की है। भू-अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा का कहना है फर्जी एनओसी पर मेरे भी साइन कर लिए गए। हमने विधि विभाग के क्लर्क शुभम श्रीवास्तव को ढुंढवाया तो पता चला वो गायब है। कई दिनों से बिना सूचना के गायब है और घर पर भी नहीं आया है। उसका फोन भी बंद है।

अब ऑनलाइन होगा पूरा एनओसी सिस्टम
आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े ने बीते दिन अधिकारियों की बैठक लेकर निर्णय लिया एनओसी देने का पूरा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया जाए। इस मामले में आईडीए भी जांच कर रहा है।

बिजलपुर की जिस योजना का मामला है, उसमें टीएनसीपी से आग्रह किया गया है एनओसी की तस्दीक करने के बाद ही ले-आउट स्वीकृत किया जाए।

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