फेसबुक-शॉपिंग के जाल में फंसे लोग: 15 लाख की साइबर ठगी; क्राइम ब्रांच ने दर्जनों खाते फ्रीज किए
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को लेकर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर में सामने आए दो अलग-अलग मामलों में करीब 15 लाख रुपए की ठगी के बाद क्राइम ब्रांच भी जांच में सक्रिय हो गई है। दोनों मामलों में जिन बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर की गई, ऐसे एक दर्जन से अधिक खातों को ब्लॉक कराया जा चुका है।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटा रही
पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीमें मिलकर आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटा रही हैं। इस कार्रवाई में एरोड्रम थाना क्षेत्र और पलासिया थाना क्षेत्र की पुलिस भी शामिल है।
फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुई 10 लाख से ज्यादा की ठगी
पहला मामला एरोड्रम क्षेत्र का है, जहां रिटायर्ड अफसर अशोक कुमार को विदेशी महिला बनकर ठगों ने निशाना बनाया। खुद को स्कॉटलैंड की “डॉ. लिसा डेविस” बताकर आरोपी ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया।
पीड़ित को दिल्ली एयरपोर्ट से फर्जी कॉल कराया
इसके बाद गिफ्ट भेजने का झांसा देकर पीड़ित को दिल्ली एयरपोर्ट से फर्जी कॉल कराया गया। कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम अधिकारी बताते हुए पार्सल में डॉलर होने की बात कही और उन्हें रिलीज कराने के नाम पर अलग-अलग शुल्क जमा करने को कहा। इस तरह ठगों ने प्रोसेसिंग फीस और कन्वर्जन चार्ज के नाम पर कुल 10 लाख 43 हजार रुपए ऐंठ लिए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर 5.41 लाख की ठगी
दूसरा मामला पलासिया थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यवसायी सार्थक ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान साइबर ठगी का शिकार हो गया। उसने एक वेबसाइट से 899 रुपए में बॉडी मसाजर ऑर्डर किया था।
बार-बार प्रोसेसिंग कराने को कहा
ऑर्डर के बाद उसे एक कॉल आया, जिसमें ट्रांजेक्शन फेल होने का झांसा देकर बार-बार प्रोसेसिंग कराने को कहा गया। ठगों ने 10-11 बार अलग-अलग तरीके से भुगतान करवाते हुए उससे कुल 5 लाख 41 हजार रुपए ठग लिए। जब प्रोडक्ट नहीं पहुंचा, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
खातों और मोबाइल नंबरों की खंगाली जा रही डिटेल
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, दोनों मामलों में जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ था, ऐसे एक दर्जन से ज्यादा खातों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया है।
अब जानकारी निकाल रही पुलिस
पुलिस अब इन खातों की विस्तृत जानकारी निकाल रही है, साथ ही जिन मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए संपर्क किया गया, उनकी भी तकनीकी जांच की जा रही है। एफएसएल और साइबर सेल की मदद से डिजिटल एविडेंस जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस की अपील: अनजान रिक्वेस्ट और कॉल से रहें सतर्क
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और किसी भी तरह के लालच या ऑफर में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान केवल विश्वसनीय वेबसाइट्स का ही उपयोग करें और संदिग्ध कॉल या लिंक से सावधान रहें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
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