एक चिंगारी, चार खतरे और आठ मौतें: ईवी अग्निकांड में खुला फायर ट्रैप अब जिम्मेदार कौन
KHULASA FIRST
संवाददाता

कार की चिंगारी, स्पोर्ट्स बाइक का पेट्रोल, गैस पाइप लाइन और अवैध तारों का जाल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
ब्रजेश्वरी एनेक्स में हुआ भीषण अग्निकांड अब सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं रह गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने यह तो साफ कर दिया कि मौत आग और धुएं से हुई, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, यह मामला एक खतरनाक फायर ट्रैप के रूप में सामने आ रहा है।
एक ऐसी चिंगारी, जिसने इलेक्ट्रिक कार से उठकर पेट्रोल से भरी स्पोर्ट्स बाइक्स, पीओपी से सजे हॉल, अवैध वाई-फाई तारों और गैस पाइपलाइन के बीच रास्ता बनाया…और कुछ ही मिनटों में पूरे घर को मौत के मातम में बदल दिया। यह रिपोर्ट उसी पूरी सच्चाई को सामने लाती है, जो पहली नजर में दिखाई नहीं देती।
एमवाय अस्पताल से आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस केस की सबसे बड़ी उलझन सुलझा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक सभी की मौत आग में झुलसने और जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुई। किसी भी मृतक को करंट लगने के कोई संकेत नहीं मिले।
इस खुलासे के बाद उन सभी दावों पर विराम लग गया है, जिनमें रेस्क्यू के दौरान बिजली चालू होने से मौत की आशंका जताई जा रही थी। अब जांच एजेंसियों का फोकस पूरी तरह इस सवाल पर केंद्रित हो गया है कि आग लगी कैसे और इतनी भयावह कैसे बनी।
घटना के समय घर के अंदर एक इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी और शुरुआती जांच के अनुसार आग की पहली चिंगारी यहीं से उठी। लेकिन असली मोड़ इसके बाद आया। कार के पास ही दो महंगी बाइक्स खड़ी थीं और दोनों में पूरा पेट्रोल भरा हुआ था।
जैसे ही आग इन बाइकों तक पहुंची, पेट्रोल ने आग को अचानक कई गुना बढ़ा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही सेकंड में आग ने विकराल रूप ले लिया। यह वह क्षण था, जब आग नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो गई और घर के अंदर मौजूद लोगों के पास बचने का समय ही नहीं बचा।
स्पोर्ट्स बाइक के पास बना ‘फायर मल्टीप्लायर’
जिस जगह कार और बाइक्स खड़ी थीं, उसके ठीक पास एक बड़ा हॉल था, जिसमें महंगे फोम फर्नीचर और पीओपी से तैयार इंटीरियर किया गया था। जांच में सामने आया कि जैसे ही आग इस हॉल तक पहुंची, उसने अपनी सबसे खतरनाक गति यहीं पकड़ी। फोम तेजी से जलकर जहरीला धुआं छोड़ता है, जबकि पीओपी और सिंथेटिक सामग्री गर्मी को फैलाने का काम करती है । यही कारण रहा कि आग कुछ ही मिनटों में ग्राउंड फ्लोर से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गई और पूरा घर आग के घेरे में आ गया।
अवैध वाई-फाई तारों का जाल
इस मामले में एक गंभीर एंगल अवैध वाई-फाई तारों का भी सामने आया है। घटना से पहले परिवार ने घर के बाहर लगे तारों को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस खंभे से कार चार्जिंग की जा रही थी, उसी पर कई कंपनियों के तार लटक रहे थे। आशंका है कि कार से निकली चिंगारी ने इन तारों को पकड़ लिया और आग तारों के जरिए तेजी से फैलती हुई घर के अंदर पहुंच गई। यदि यह एंगल जांच में साबित होता है, तो यह मामला केवल घरेलू नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी बन जाएगा।
पत्थर फेंके, फोन लगाए, पर पड़ोसियों की कोशिशें बेकार गईं
इस हादसे का एक बेहद मानवीय और दर्दनाक पहलू भी सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो लोगों ने पुंगलिया परिवार को जगाने के लिए घर पर पत्थर फेंके। कुछ पड़ोसियों ने मोबाइल फोन से कॉल कर परिवार को अलर्ट करने की कोशिश की। कुछ कॉल रिसीव भी हुए, लेकिन तब तक आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया । यह दिखाता है कि हादसा अचानक नहीं, बल्कि कुछ मिनटों तक बढ़ता रहा, लेकिन उन मिनटों में हालात इतने तेजी से बिगड़े कि बचाव संभव नहीं हो सका।
सीसीटीवी में नहीं मिला स्पष्ट सुराग
पुलिस अब तक आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर चुकी है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट फुटेज सामने नहीं आया है, जिससे आग की सटीक शुरुआत का पता चल सके। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं। टीआई मनीष लोधा के नेतृत्व में जांच जारी है और लगातार नए लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।
सुरक्षा के लिए लगाई जालियां बनी बाधा?
पड़ोसियों ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी दी है। बताया गया कि पहले घर की खिड़कियां और गैलरी खुली रहती थीं, लेकिन तीन महीने पहले सुरक्षा के चलते वहां लोहे की जालियां लगाई गई थीं। अब यह भी जांच का विषय है कि क्या यही जालियां आपात स्थिति में बाहर निकलने में बाधा बनीं?
दीवारें चटकी, घरों में नुकसान
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसका असर आसपास के घरों पर भी पड़ा। एक पड़ोसी अधिवक्ता के घर की किचन की दीवार चटक गई, जबकि अन्य मकानों में भी नुकसान हुआ। यह इस बात का संकेत है कि आग का प्रभाव केवल एक मकान तक सीमित नहीं था।
जांच के चार बड़े एंगल
पूरे मामले की जांच चार प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है कि टेक्निकल एंगल में इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग, वायरिंग और शॉर्ट सर्किट। फायर एक्सीलरेशन एंगल में स्पोर्ट्स बाइक्स में भरा पेट्रोल, फोम और पीओपी। सिस्टम फेल्योर एंगल मेंअवैध वाई-फाई तार और शिकायत पर कार्रवाई न होना। स्ट्रक्चरल एंगल में घर की बनावट और फायर सेफ्टी की कमी सामने आ रही है।
चार खतरों का मिला-जुला परिणाम
यह अग्निकांड एक सख्त चेतावनी है कि जब कार की चिंगारी, बाइक का पेट्रोल, गैस पाइप लाइन और अवैध तार चारों खतरे एक साथ मौजूद हों, तो छोटी गलती बड़ा हादसा बन सकती है। मामला अब दुर्घटना की जांच नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की जिम्मेदारी तय करने की परीक्षा बन गया है।
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