एक जाम ने छीनी जिंदगी कई घरों में पसरा मातम: शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं; कलेक्टर प्रतिभा पाल पर उठे गंभीर सवाल!
KHULASA FIRST
संवाददाता

करीब 20 मौतों का दावा, 109 मरीज भर्ती 30 लोग नामजद, 10 किए गिरफ्तार
खुलासा फर्स्ट, सागर।
जिले के बंडा क्षेत्र के गांवों में कथित जहरीली शराब पीने से करीब 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 109 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने की भी जानकारी सामने आई है।
मामले में पुलिस ने 30 लोगों को नामजद किया है और अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर के नाम भी शामिल हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो-तीन दिन पहले भी शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हो गई थी, जिनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। लोगों ने अब आशंका जताई है कि इनकी मौत भी जहरीली शराब पीने से हुई है।
सस्ती शराब के नाम पर बेची गई जहरीली शराब... बंडा थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, 4 सितंबर को अनूप सिंह लोधी अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था। यहां कथित तौर पर 20 रुपए सस्ती शराब उपलब्ध कराने की बात कही गई। राजेंद्र ने शराब नकली या जहरीली होने की आशंका भी जताई थी। इसके बाद उसने 70 रुपए में देशी शराब का क्वार्टर खरीदा और पी लिया।
घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। बंडा अस्पताल से उसे सागर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी तरह करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है।
30 लोगों पर केस, 10 गिरफ्तार... पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक और राजा सिंह समेत 26 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, बंडा और विनायका थाने में दर्ज मामलों में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे शराब की सप्लाई और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
109 मरीज अस्पतालों में भर्ती... कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, जहरीली शराब से प्रभावित 109 मरीजों का इलाज चल रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 12 आईसीयू में हैं। जिला चिकित्सालय में 17 और बंडा सिविल अस्पताल में 7 मरीजों का उपचार जारी है। एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है।
शराब में मेथेनॉल की मिलावट की बात सामने आई... प्रारंभिक जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार शराब के स्रोत और इसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने ततरवारा गांव से लंबे समय से अवैध शराब की सप्लाई होने का आरोप लगाया है।
पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। मेथेनॉल जहरीला अल्कोहल है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। इसका सेवन गंभीर विषाक्तता और मौत का कारण बन सकता है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर सवाल... इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अवैध शराब की बिक्री और उस पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर उठ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, कुछ लाइसेंसी शराब ठेकेदारों ने पहले ही कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को शिकायतें दी थीं। शिकायतों में ‘बॉम्बे व्हिस्की’ और ‘सागर गोल्ड’ के नाम से अवैध शराब परोसे जाने का आरोप लगाया गया था। अब सवाल यह है कि लेकिन इन अस्पतालों में चल रही जिंदगी की जंग के बीच एक और जंग शुरू हो गई है।
सवालों की जंग! जवाबदेही की जंग! और व्यवस्था से जवाब मांगने की जंग!
क्योंकि जानकारी के मुताबिक खतरे की आहट पहले ही प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच चुकी थी। बताया जा रहा है कि कई लाइसेंसी शराब ठेकेदारों ने कलेक्टर प्रतिभा पाल, आबकारी विभाग, पुलिस विभाग और प्रशासन को अवैध शराब बिक्री को लेकर शिकायतें दी थीं।
अगर शिकायत पहले पहुंच चुकी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर अवैध शराब की सूचना थी, तो निगरानी तंत्र कहां था? अगर खतरे की घंटी बज रही थी, तो जिम्मेदार तंत्र ने उसे सुना क्यों नहीं? और अगर प्रशासन के पास सूचना थी, तो आखिर जहरीली शराब लोगों के गिलास तक पहुंची कैसे? यदि शिकायतें प्रशासन तक पहुंची थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई?
क्या शराब के नमूनों की जांच कराई गई? क्या संबंधित क्षेत्रों में छापेमारी हुई? क्या अवैध शराब के स्रोत का पता लगाया गया? और यदि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
अफसरों पर गिरी गाज... मामले में 26 से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। बंडा थाने में 20 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जिनमें से 10 को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, विनायक थाने में भी 10 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है।
एसपी अनुराग सुजानिया के निर्देश पर पुलिस अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। लापरवाही पर आबकारी-पुलिस विभाग के 5 अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं।
इनमें सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, बंडा के आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते, गूगरा चौकी प्रभारी एएसआई पूरन सिंह और बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरज श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।
विपक्ष ने प्रशासन को घेरा... घटना को लेकर विपक्ष ने भी सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़ितों और उनके परिजन से मुलाकात की तथा मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों की गंभीर स्थिति को लेकर चिंता जताई और मामले में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया।
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने की मांग की। वहीं, बंडा के पूर्व कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और मृतकों के परिजन को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों द्वारा यह शराब पीने का दावा भी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है।
प्रतिभा पाल का कार्यकाल विवादों में रहा
प्रतिभा पाल के प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान इंदौर और रीवा में सामने आए कुछ मामलों को लेकर उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल उठे थे। इंदौर में निगमायुक्त रहते हुए वर्ष 2023 में बेलेश्वर महादेव बावड़ी हादसा हुआ था, जिसमें 36 लोगों की जान चली गई थी। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही को लेकर सवाल उठे और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी।
वहीं, रीवा कलेक्टर के रूप में कार्यकाल के दौरान एक मामले में न्यायालय ने प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कड़ी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि कलेक्टर का पद जनता का शोषण करने के लिए नहीं है। इस मामले में न्यायालय ने 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इन दोनों घटनाओं का हवाला देते हुए अब प्रतिभा पाल की प्रशासनिक कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
संबंधित समाचार

खाली मैदान में बसा रहे थे अवैध कॉलोनी:5 हजार वर्गफीट में बन रहे 4 भवन ध्वस्त; पोकलेन से निगम ने की कार्रवाई

काउंटर से 50 हजार की गड्डी ले उड़ा चोर:पलभर में वारदात को दिया अंजाम; सोता रह गया कर्मचारी

झमाझम बारिश से गर्मी-उमस से राहत:अगले सप्ताह हल्की बूंदाबांदी के आसार, तापमान बढ़ेगा

इंदौर से हो रही थी उज्जैन के लिए शराब तस्करी:दीपमाला ढाबे के पास वाइन शॉप से भरवाई थी अलग-अलग कंपनियों की शराब; करीब 20 लाख का माल जब्त

MPPSC मुख्य परीक्षा का पेपर पिछले साल से आसान:पहले दिन मध्यम स्तर का रहा प्रश्नपत्र

खाद्य आपूर्ति विभाग की छापेमारी:मकान से गैस सिलेंडरों का बड़ा जखीरा मिला; घर को बना रखा था स्टॉक सेंटर

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई:घर में बन रही थी नकली शराब; हजारों लीटर इथेनॉल जब्त, पेट्रोल-थिनर का भी मिला जखीरा

कौन बोले:‘2029 के टी-20 में राहुल गांधी का विकेट लेंगे’; शिवसेना नेता के बयान पर भी पलटवार

नशे में चालक ने ठोंक दी कार:लोगों ने घेरा; सभी ने मिलकर वाहन को उठाकर किया सड़क किनारे

पत्नी का सिर काटकर फ्रिज में छिपाया:दोनों हाथों की उंगलियां भी काटीं; हत्या के बाद फरार पति गिरफ्तार

एक्टिवा सवार युवकों को मारी टक्कर, दो की मौत:भागने से पहले लोगों ने कार चालक को घेरा

मोमोज खिलाते-खिलाते हिंदू युवतियों को फंसाने लगा जिहादी:इंस्टाग्राम आईडी मांगकर दोस्ती करने का आरोप

स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग:एमवाय चूहाकांड व बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर जयस ने खोला मोर्चा

करोड़ों के साइबर फ्रॉड का खुलासा:फर्जी सिम और म्यूल अकाउंट से करते थे; क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को पकड़ा

36 हजार फीट पर कम हुआ इंजन का ऑयल प्रेशर:अबू धाबी जा रही फ्लाइट यहां लौटी; एक इंजन पर लैंडिंग

रिटायरमेंट के बाद अग्निवीरों की ट्यूशन फीस माफ:तीनों सेनाओं के जवानों को मिलेगा फायदा; कार्यपरिषद ने लिया फैसला

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में दूसरे नंबर पर शहर:दिल्ली में मिला राष्ट्रीय पुरस्कार; महापौर ने शहरवासियों को किया समर्पित

सिंहस्थ-2028 से पहले सभी कार्य पूर्ण किए जाएं:रेलवे के विकास कार्यों की समीक्षा कर सांसद लालवानी ने दिए निर्देश

दिल्ली बिल्डिंग हादसा:एमपी के एक और छात्र की मौत; 19 साल के अक्षत ने गंवाई जान, परिवार में पसरा मातम

अंधविश्वास का डर दिखाकर ठगी:‘तेरे बेटे को सांप काट लेगा’; दरगाह के बाबा ने पूजा के नाम पर ऐंठे रुपए
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!