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तेल-गैस नो प्रॉब्लम: मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल से एक्साइज ड्यूटी घटाई; नहीं बढ़ेंगे दाम

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 मार्च 2026, 1:12 pm
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तेल-गैस नो प्रॉब्लम

देश में तेल-गैस का 60 दिन का स्टॉक, अगले 60 दिन की भी पुख्ता तैयारी

युद्धग्रस्त माहौल में केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा, एक्साइज ड्यूटी घटाकर सारे संशय किए दूर

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 से घटाकर मात्र 3 रुपए की, पेट्रोल कंपनी के साथ जनता की बल्ले-बल्ले

डीजल पर 10 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही थी सरकार, अब ड्यूटी हुई शून्य, तेल कंपनी को बड़ी राहत

दुनियाभर में कच्चे तेल व पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद भारत सरकार ने घटाई ड्यूटी, बड़ा कदम

विपक्ष ही नहीं, विश्व भी चौंका, पीएम का राजकोष पर बोझ उठाने का साहसिक निर्णय, दाम बढ़ने की शंका हुई दूर

ईरान ने भी दोस्ती निभाई, तेल-गैस लेकर जग-वसंत शिप हिंदुस्तान की सरजमीं पर आया, एक अन्य जहाज भी आज पहुंचेगा बंदरगाह

तेल-गैस के कृत्रिम संकट व अफवाह फैलाने वालों पर सरकार हुई सख्त, अब कड़ी कार्रवाई होगी, सोशल मीडिया की भी निगरानी

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मोदी सरकार ने देशवासियों के हित में गजब कर दिया। वह भी ऐसे समय, जब दुनिया युद्ध के दौर से गुजर रही है और समूची कायनात के समक्ष एक तरह का बड़ा ऊर्जा संकट सामने आकर खड़ा हो गया। ऐसे समय भारत सरकार ने एक साहसिक कदम उठाया। जिसका किसी को भी इल्म नहीं था, केंद्र सरकार वह कर गुजरी।

जहां एक तरफ दुनियाभर में तेल के दामों में 50 फीसदी तक का इजाफा हो गया है, वहीं भारत ने वह आशंका ही निर्मूल साबित कर दी कि देश में भी पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दाम बढ़ने वाले हैं। मोदी सरकार ने वे सारे संशय ही दूर कर दिए, जो दाम बढ़ने को लेकर देश में गढ़े व खड़े किए जा रहे थे।

सरकार ने ये काम पेट्रोलियम उत्पादों पर वसूली जा रही एक्साइज ड्यूटी को घटाकर किया। इससे आम आदमी ही नहीं, पेट्रोलियम कंपनियों के लिए भी बड़ी राहत हुई। सरकार के इस कदम से विपक्ष ही नहीं, विश्व भी चौंका, क्योंकि 28 दिन के युद्ध में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंचे हैं। लिहाजा दाम बढ़ना तय माना जा रहा था।

शु क्रवार की सुबह और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामजी के प्राकट्य उत्सव का दिन भारतवासियों के लिए एक बड़ी सौगात व खबर लेकर आया। ये सौगात अमेरिका-ईरान-इजराइल युद्ध से भयग्रस्त जनमानस के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। देश में ये माहौल पूरी तरह बना हुआ है कि भारत में भी तेल-गैस का बड़ा संकट मंडरा गया है।

जन-जन की जुबां पर ये जुमला भी छाया हुआ था कि बस, अब पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दाम बढ़ने ही वाले हैं। गैस सिलेंडर को लेकर एजेंसियों के दफ्तरों पर लगी कतारें व पेट्रोल पंपों पर टूट पड़ी भीड़ ये ही मुजाहिरा कर रही थीं कि युद्ध का असर भारत पर तेजी से हो गया है। अफवाहों को ऐसा बल मिला कि रातोरात पेट्रोल पंप खाली हो गए।

प्रधानमंत्री के संसद में दिए बेबाक बयान ने आग में घी का काम किया और मूढ़मति जनसमुदाय ने कोरोना जैसे संकट के साथ लॉकडाउन का प्रचार भी शुरू कर दिया। भयग्रस्त समाज जमाखोरी में जुट गया। देश के बाशिंदों की इस हरकत से सरकार चिंतित भी हुई और शर्मिंदा भी। लेकिन केंद्र व राज्य की सरकारों ने अपनी तैयारियों के बल पर इस स्थिति से महज 24-48 घंटे में पार पा लिया। अब इंदौर सहित मध्य प्रदेश में सब कुछ सामान्य है और आसानी से पेट्रोल-डीजल पूर्व की तरह उपलब्ध हैं।

शुक्रवार सुबह केंद्र सरकार ने सबको चौंकाते हुए पेट्रोलियम उत्पादों से वसूली जा रही एक्साइज ड्यूटी को उच्च स्तर तक घटा दिया। आम आदमी की जेब पर बोझ कम करने व पेट्रोलियम कंपनियों की आर्थिक सेहत को बरकरार रखने के लिए मोदी सरकार ने पेट्रोल से एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर महज 3 रुपए प्रति लीटर कर दी।

डीजल के मामले में सरकार दो कदम आगे निकली और एक्साइज ड्यूटी शून्य कर दी। अभी केंद्र सरकार डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क वसूल रही थी। सरकार के इस कदम ने उन सभी आशंकाओं को निर्मूल साबित कर दिया कि निकट भविष्य में पेट्रोल, डीजल व घरेलू गैस के दाम बढ़ाए जाएंगे। हालांकि सरकार के इस कदम का असर केंद्र सरकार की आर्थिक सेहत पर पड़ेगा। उसकी कमाई कम होगी, लेकिन राहत है कि आम आदमी की कमाई महफूज रहेगी।

सरकार ने देश को ये भरोसा भी दिलाया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी का पर्याप्त भंडार है। सरकार ने 60 दिन के स्टॉक का दावा किया है और अगले 60 दिन के इंतजाम के पुख्ता बंदोबस्त करने की बात भी की है। भारत के बंदरगाहों पर ईरान से गैस व तेल लेकर आ रहे जहाजों ने सरकार के दावों को मजबूती भी दी है।

गुरुवार को जग-वसंत नामक जहाज होरमुज को पार कर भारत की सरजमीं पर आ गया। एक अन्य जहाज के शुक्रवार रात तक भारत आने की तैयारी है। सरकार ने इसके लिए ईरान का शुक्रिया भी अदा किया और इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत भी बताया है। सरकार का कहना है कि ये भारत के सधे हुए कदमों से जारी कूटनीति का ही नतीजा है कि युद्धग्रस्त क्षेत्र से भारत के जहाज गैस व तेल लेकर सुरक्षित हिंदुस्तान आ रहे हैं।

लॉकडाउन की बात बेमानी, अफवाह फैलाने पर कड़ी कार्रवाई
तेल-गैस के कृत्रिम संकट को खड़ा करने की हरकतों व अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, जो देश में जबरिया घबराहट का माहौल पैदा कर रहे हैं। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार सुबह उन लोगों को आड़े हाथों लिया, जो देश में लॉकडाउन लगने की अफवाहें फैला रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने दो-टूक कहा है कि सरकार हर मोर्चे पर मजबूती के साथ खड़ी हुई है। लॉकडाउन की बात पूरी तरह बेमानी है। भारत हर परिस्थिति का सामना करने को तैयार है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने भी साफ किया कि देश में तेल-गैस की कोई प्रॉब्लम नहीं है। प्रधानमंत्री जनता का हित समझते हैं।

उधर, राज्य सरकारों ने भी अफवाह के चलते पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने से बचने की अपील जारी की है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ योगी से लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तक ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है और अफवाह फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वर्चुअली रूबरू होने की तैयारी में हैं।

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