अब ई-रिक्शा चालकों पर कसेगा शिकंजा: इस दिन तक अंतिम अवसर; बिना रूट रजिस्ट्रेशन पर होगी सख्त कार्रवाई
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए ई-रिक्शा संचालन को लेकर शुरू की गई रूट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 अप्रैल के बाद बिना रूट रजिस्ट्रेशन के चलने वाले ई-रिक्शा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
11 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चार जोन में होंगे विभाजित
शहर में संचालित 11 हजार से अधिक ई-रिक्शा को चार यातायात जोन में बांटा गया है। इन सभी जोन के लिए अलग-अलग रंग तय किए गए हैं, ताकि वाहनों की पहचान आसानी से हो सके। अब तक यातायात विभाग द्वारा 5362 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन पूरा किया जा चुका है।
15 अप्रैल तक अंतिम मौका, इसके बाद सख्ती
अधिकारियों के अनुसार ई-रिक्शा मालिकों और चालकों को 15 अप्रैल तक रूट रजिस्ट्रेशन कराने का अंतिम अवसर दिया गया है। इसके बाद बिना रजिस्ट्रेशन या तय रूट के चलने वाले ई-रिक्शा पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इन पर चालान के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पहचान के लिए कलर कोडिंग सिस्टम लागू
हर जोन के लिए अलग रंग निर्धारित किया गया है। ई-रिक्शा के कांच पर संबंधित रंग के स्टीकर लगाए जा रहे हैं, जबकि आगे चलकर उनके हूड (छत) को भी उसी रंग में रंगा जाएगा। इससे वाहनों की पहचान आसान होगी और यातायात नियंत्रण बेहतर हो सकेगा।
चालानी कार्रवाई तेज, एक दिन में 1935 चालान
यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में कुल 1935 मामलों में चालानी कार्रवाई की गई। इनमें शामिल हैं-हेलमेट के 1526 चालान, नो पार्किंग के 220 मामले, मोबाइल उपयोग के 21 चालान, वन-वे उल्लंघन के 47 चालान, ई-रिक्शा ओवरलोड के 24 चालान और रेड लाइट जंप के 19 चालान।
नो पार्किंग में 220 वाहन जब्त
अभियान के दौरान नो पार्किंग जोन में खड़े 220 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।
प्रशासन का संदेश: नियम पालन जरूरी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यह कदम जरूरी है। तय समयसीमा के बाद नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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