कोई भी हो, मैं यहां से उठवा दूंगा: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की माफियाओं को खुली चेतावनी
KHULASA FIRST
संवाददाता
शराब माफिया अशोक अरोरा के सिंडिकेट के विरुद्ध मंत्री का सख्त रुख, विधायक दिलीपसिंह परिहार को खुला साथ, कहा- ‘आप भिड़ जाना, मैं खड़ा हूं’
खुलासा फर्स्ट, नीमच।
प्रदेश सरकार ने प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने के संकल्प को अब धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। जावद (नीमच) में आयोजित कृषि प्रशिक्षण शिविर के मंच से प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने न केवल किसानों को प्राकृतिक खेती की नई दिशा दिखाई, बल्कि क्षेत्र के अपराधियों और माफियाओं की नींद उड़ा देने वाला संबोधन भी दिया।
यह आयोजन वैसे तो ‹कृषि वर्ष 2026› के उपलक्ष्य में किसानों की समृद्धि के लिए था, लेकिन मंच से विजयवर्गीय ने जो हुंकार भरी, उसने नीमच के अवैध शराब माफिया अशोक अरोरा और उसके साम्राज्य के अंत की स्पष्ट घोषणा कर दी।
विधानसभा के बजट सत्र में जब नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने अवैध शराब और माफियाओं का मुद्दा उठाया था, तब पूरे सदन में सन्नाटा पसर गया था। उसी ललकार को अब जावद की धरती पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। विजयवर्गीय ने सार्वजनिक मंच से सीधे शब्दों में कहा—कोई भी माफिया हो, कितना भी बड़ा माफिया हो दिलीप जी, आप भिड़ जाना, मैं आपके साथ हूं। हम ठीक कर देंगे।
ये डॉ. मोहन यादव की सरकार है और आपका बड़ा भाई कैलाश विजयवर्गीय है। इसलिए चिंता मत करना। कोई भी माफिया हो, मैं यहाँ से उठवा दूंगा। आप चिंता मत करना, बिल्कुल डरना मत और लगे रहो प्रदेश के हित में।
मंत्री के इस बयान के बाद विधायक दिलीप सिंह परिहार ने मंच पर ही खड़े होकर तालियों के साथ इस संरक्षण का अभिवादन किया। विजयवर्गीय के इस रुख को सीधे तौर पर अशोक अरोरा जैसे रसूखदार शराब माफियाओं के विरुद्ध सरकार की अंतिम घेराबंदी माना जा रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई: विगत दिनों धराए थे अशोक अरोरा के 41 गुर्गे
गौरतलब रहे कि नीमच के शराब माफिया अशोक अरोरा के साम्राज्य पर विगत दिनों प्रशासन ने कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाई थी। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में जिले की पुलिस ने माफिया के गढ़ में घुसकर वह कर दिखाया जिसका इंतजार जनता लंबे समय से कर रही थी।
इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने माफिया अशोक अरोरा के 41 गुर्गों को गिरफ्तार किया था। कार्यवाही के दौरान भारी मात्रा में अवैध देशी और अंग्रेजी शराब सहित बीयर केन जब्त किए गए। यह कार्यवाही इस बात का प्रमाण है कि अब प्रशासन किसी भी दबाव में नहीं है और माफिया सिंडिकेट की हेकड़ी निकालने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
खुलासा फर्स्ट के खुलासे ने हिला दी माफिया की जड़ें
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे खुलासा फर्स्ट समाचार पत्र के निरंतर साहसिक खुलासे और जांबाज पत्रकारिता का बड़ा हाथ रहा है। खुलासा फर्स्ट ने अशोक अरोरा (अमोली ग्रुप) के उन काले कारनामों का खुलासा किया, जिन्हें रसूख के दम पर दबाया जा रहा था।
चाहे वह शराब अहातों का अवैध संचालन हो या दुकानों पर ओवर रेटिंग की मनमानी, खुलासा फर्स्ट ने एक-एक पुख्ता प्रमाण सरकार और जनता के सामने रखे। खुलासा फर्स्ट द्वारा उपलब्ध कराए गए इन्हीं प्रमाणों ने माफिया तंत्र की जड़ों को हिलाकर रख दिया, जिसके बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में स्पष्ट आदेश दिए थे कि माफियाओं के पट्टे निरस्त किए जाएं और उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
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