करोड़ों का गबन कर डूबी निश्चय साख सहकारी संस्था: भुगतान से बचने प्रबंधन ने किया खेल; दूसरे रंग की नई डायरियां कर दी जारी
KHULASA FIRST
संवाददाता

अपनी जमापूंजी वापस लेने की मांग के साथ पीड़ितों ने खोला मोर्चा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
निश्चय साख सहकारी संस्था मर्यादित द्वारा हजारों छोटे निवेशकों के करोड़ों रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित निवेश मानने वाले जमाकर्ता अब संस्था के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी भुगतान न मिलने से उपजा आक्रोश अब सड़कों पर आ चुका है। खास बात यह कि जब निवेशक अपनी जमापूंजी वापस मांग रहे हैं, तो शातिर संस्था प्रबंधन ने भुगतान से बचने के लिए पुरानी खाता डायरियों की जगह अलग रंग की नई डायरियां जारी करना शुरू कर दीं।
निवेशकों का आरोप है इसके पीछे संस्था की चाल यह है कि पुरानी देनदारियों के ट्रैक को छिपाकर नई डायरियों के माध्यम से मामले को उलझाया जा सके।
जांच में बेहद गंभीर तथ्य सामने आए हैं। संस्था संचालकों ने निवेशकों के करोड़ों रुपए अपनी निजी जागीर समझकर खर्च किए। नियमों को ताक में रख मनमाने ढंग से ऋण वितरित किए गए, जिसकी वसूली की कोई संभावना नजर नहीं आ रही।
संस्था के दफ्तरों में अब भी गतिविधियां तो जारी हैं, लेकिन न तो फोन का जवाब मिल रहा है और न ही जिम्मेदार अधिकारी निवेशकों के सवालों का सामना कर रहे हैं।
दस्तावेजों के अनुसार संस्था ने करोड़ों का ऋण सदस्यों में बांटने का दावा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि न तो उस ऋण की कोई ठोस सुरक्षा थी और न ही वापसी का कोई सिस्टम।
यह सब कुछ एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है, जहां निवेशकों का पैसा संस्था के कथित संचालकों के वैभवशाली जीवन की भेंट चढ़ गया।
संस्था की ओर से दिए गए चेक जब बैंकों से बाउंस होने लगे, तो इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पीड़ित जमाकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही रावजी बाजार थाने में शिकायत की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
निश्चय साख सहकारी संस्था मर्यादित के विरुद्ध पूर्व में भी इस तरह की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनकी जांच थाना स्तर पर की जा रही है। सहकारिता विभाग द्वारा भी इस मामले में जांच की गई है।
पुलिस अब सहकारिता विभाग का जांच प्रतिवेदन प्राप्त कर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी। संस्था के एजेंटों से पूछताछ की जा रही है और सभी खाताधारकों की जानकारी एकत्र कर आगामी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। -उमेश यादव, टीआई, रावजी बाजार थाना
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